सरगुजा। सरगुजा जिले में आयोजित दो दिवसीय रामगढ़ महोत्सव-2026 का मंगलवार को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में भव्य समापन हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि रामगढ़ केवल सांस्कृतिक आयोजन का केंद्र नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पुरातात्विक विरासत का प्रतीक है। राज्य सरकार रामगढ़, सीताबेंगरा और जोगीमारा जैसी धरोहरों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनश्रुतियों के अनुसार वनवास काल में भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण ने इस क्षेत्र में समय बिताया था। उन्होंने सीताबेंगरा गुफा, जोगीमारा गुफा और हाथीपोल जैसी ऐतिहासिक धरोहरों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन स्थलों का संरक्षण और पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, ताकि देश-विदेश से अधिक पर्यटक यहां पहुंच सकें।
समारोह में मुख्यमंत्री ने रामगढ़ क्षेत्र के विकास के लिए 1 करोड़ रुपए देने की घोषणा की। साथ ही स्थानीय मांग को स्वीकार करते हुए उदयपुर और डूमरडीह को मिलाकर नई नगर पंचायत बनाने का भी ऐलान किया। उन्होंने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में सरगुजा जिले में 2,387 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं। किसानों से 3,100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदा जा रहा है और महिलाओं को महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने एक हजार रुपए दिए जा रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय के छह बच्चों का स्कूल में प्रवेश कराया। बच्चों को स्कूल बैग, पानी की बोतल और अध्ययन सामग्री भी वितरित की गई। इसके अलावा सरगुजा के पर्यटन स्थलों पर डॉक्यूमेंट्री बनाने वाले टूरिज्म इन्फ्लूएंसर्स को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। समारोह में कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
