
मुंबई। अहमद खान के निर्देशन में बनी ‘वेलकम टू द जंगल’ पूरी तरह मनोरंजन पर केंद्रित फिल्म है।
करीब तीन दर्जन कलाकारों से सजी यह मल्टीस्टारर कॉमेडी दर्शकों को हंसी का भरपूर डोज देती है। अगर आप तर्क की बजाय हल्की-फुल्की मस्ती और कॉमेडी पसंद करते हैं, तो यह फिल्म आपको निराश नहीं करेगी।
कहानी में कॉमेडी का तड़का
फिल्म की कहानी एक कारोबारी के काले धन को बचाने की कोशिश से शुरू होती है।
पैसा खपाने के लिए एक फ्लॉप फिल्म बनाने की योजना बनाई जाती है, लेकिन हालात ऐसे बनते हैं कि पूरी टीम बॉर्डर से लगे एक गांव पहुंच जाती है।
गांव वाले उन्हें भारतीय सेना समझ लेते हैं और यहीं से शुरू होता है कॉमेडी, भ्रम और एक्शन का सिलसिला। कहानी कई जगह तर्क से दूर जाती है, लेकिन मनोरंजन की रफ्तार बनी रहती है।
अक्षय-रवीना की केमिस्ट्री बनी सबसे बड़ा आकर्षण
फिल्म की सबसे बड़ी ताकत अक्षय कुमार हैं, जो लंबे समय बाद अपने पुराने कॉमिक अंदाज में नजर आते हैं।
उनकी बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग कई दृश्यों को यादगार बनाती है।
वर्षों बाद रवीना टंडन के साथ उनकी जोड़ी दर्शकों को पुरानी यादें ताजा कर देती है। सुनील शेट्टी, परेश रावल, अरशद वारसी, जॉनी लीवर और जैकी श्रॉफ भी अपने-अपने किरदारों में प्रभाव छोड़ते हैं।
निर्देशन और तकनीकी पक्ष
निर्देशक अहमद खान ने बड़ी स्टारकास्ट को संतुलित ढंग से पेश किया है। फिल्म के संवाद और कॉमिक पंच लगातार हंसाते हैं। हालांकि कुछ दृश्य जरूरत से ज्यादा लंबे लगते हैं और एडिटिंग थोड़ी और कसी जा सकती थी।
छायांकन, एक्शन और लोकेशन प्रभावशाली हैं, जबकि वीएफएक्स औसत स्तर का है। संगीत कहानी के साथ चलता है, लेकिन कोई गाना लंबे समय तक याद नहीं रह पाता।
‘वेलकम टू द जंगल’ एक लॉजिक-फ्री एंटरटेनर है, जो सिर्फ हंसाने के उद्देश्य से बनाई गई है। अगर आप परिवार या दोस्तों के साथ हल्की-फुल्की कॉमेडी का आनंद लेना चाहते हैं, तो यह फिल्म एक अच्छा विकल्प साबित हो सकती है। रेटिंग: 3.5/5 स्टार।





