NFHS-6 रिपोर्ट: घरेलू हिंसा में कमी, महिलाओं में मोटापा बढ़ा; 96.5% घरों तक पहुंचा साफ पानी

दिल्ली। देश में महिलाओं की स्थिति, स्वास्थ्य सुविधाओं और बुनियादी सेवाओं को लेकर कई सकारात्मक बदलाव सामने आए हैं।

नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (NFHS-6) 2023-24 की रिपोर्ट के अनुसार घरेलू हिंसा और बाल विवाह के मामलों में कमी दर्ज की गई है, जबकि महिलाओं की कार्यभागीदारी और इंटरनेट उपयोग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। हालांकि महिलाओं में मोटापे की बढ़ती समस्या और शिशुओं को केवल स्तनपान कराने की घटती दर चिंता का विषय बनी हुई है।

715 जिलों के करीब 6.79 लाख परिवारों को कवर करने वाले इस सर्वे के मुताबिक, देश में घरेलू हिंसा की दर 29.2 प्रतिशत से घटकर 22.3 प्रतिशत रह गई है।

वहीं बाल विवाह का आंकड़ा भी 23.3 प्रतिशत से घटकर 20.1 प्रतिशत पर आ गया है। कामकाजी महिलाओं की संख्या बढ़कर 30.8 प्रतिशत हो गई है, जो पिछले सर्वे में 25.4 प्रतिशत थी।

रिपोर्ट के अनुसार महिलाओं में मोटापे की दर 7 प्रतिशत बढ़ी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे बदलती जीवनशैली, शारीरिक गतिविधियों में कमी और असंतुलित खानपान से जोड़कर देख रहे हैं।

दूसरी ओर, शुरुआती छह महीनों तक शिशुओं को केवल स्तनपान कराने की दर 63.7 प्रतिशत से घटकर 55.8 प्रतिशत रह गई है।

स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में निजी अस्पतालों में सिजेरियन डिलीवरी का प्रतिशत बढ़कर 54.1 प्रतिशत के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। यह आंकड़ा सामान्य प्रसव की तुलना में तेजी से बढ़ते ऑपरेशन आधारित प्रसव को दर्शाता है।

बुनियादी सुविधाओं की बात करें तो देश के 98.3 प्रतिशत घरों तक बिजली पहुंच चुकी है, जबकि 96.5 प्रतिशत परिवारों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है।

डिजिटल पहुंच के मामले में भी महिलाओं ने बड़ी छलांग लगाई है। महिलाओं में इंटरनेट उपयोग दोगुना होकर 64.3 प्रतिशत तक पहुंच गया है।

NFHS-6 की रिपोर्ट देश में सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी बदलावों की तस्वीर पेश करती है, जो विकास के साथ-साथ नई चुनौतियों की ओर भी संकेत देती है।

Exit mobile version