राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की टीम चार जिलों के दौरे पर, आश्रम-छात्रावासों का निरीक्षण

रायपुर। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की टीम छत्तीसगढ़ के जनजातीय क्षेत्रों का दौरा कर रही है। 20 से 25 सितंबर तक चलने वाले इस दौरे का उद्देश्य जनजातीय समुदायों से जुड़े मामलों की जमीनी स्थिति जानना और उनकी समस्याओं एवं शिकायतों की जानकारी लेना है। टीम रायपुर, सक्ती, जशपुर और कांकेर जिले में पहुंचकर आश्रम-छात्रावासों का आकस्मिक निरीक्षण करने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण कर रही है।
समुदाय के लोगों से सीधे संवाद
आयोग की टीम जनजातीय क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों से सीधे संवाद करेगी और उनकी समस्याओं से जुड़े अभ्यावेदन भी प्राप्त करेगी। टीम विशेष रूप से नागवंशी, संसारी उरांव, पहाड़ी कोरवा और दिहाड़ी कोरवा समुदायों से संबंधित क्षेत्रों में जाकर स्थिति का जायजा लेगी।
जशपुर जिले में 22 और 23 सितंबर को विशेष रूप से जनजातीय गांवों का भ्रमण निर्धारित किया गया है। इस दौरान आयोग की टीम स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी शिकायतों और जरूरतों की जानकारी लेगी।
कांकेर में महिला जनप्रतिनिधियों से संवाद
कांकेर में 24 सितंबर को जनजाति महिला जनप्रतिनिधियों के सशक्तिकरण को लेकर संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें पंचायत से लेकर जिला स्तर तक की महिला जनप्रतिनिधियां शामिल होंगी। कार्यक्रम में जनजातीय क्षेत्रों में महिला जनप्रतिनिधियों की भूमिका और उनसे जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
रायपुर में अधिकारियों के साथ बैठक
दौरे के अंतिम दिन 25 सितंबर को रायपुर में आयोग में लंबित प्रकरणों को लेकर संबंधित अधिकारियों और प्राधिकारियों के साथ बैठक होगी। इसमें मामलों की स्थिति और अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी ली जाएगी।
आयोग ने संबंधित अधिकारियों को जांच दल को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने, मांगे गए दस्तावेज प्रस्तुत करने और निर्धारित स्थानों पर अधिकारियों की मौजूदगी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इस दौरे के दौरान आयोग की टीम जनजातीय समुदायों से जुड़े मामलों की वास्तविक स्थिति का मौके पर आकलन करेगी।





