अन्तर्राष्ट्रीयStateNewsदेश - विदेश

विदेश मंत्रालय का दोटूक संदेश: सिंधु जल संधि पर भारत का रुख नहीं बदला, पाकिस्तान को आतंकवाद का समर्थन बंद करना होगा

नई दिल्ली। भारत ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) को लेकर उसका रुख नहीं बदला है। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि पाकिस्तान की ओर से लगातार सीमा पार आतंकवाद को समर्थन दिए जाने के कारण भारत ने इस संधि को स्थगित किया था और जब तक इस्लामाबाद आतंकवाद को समर्थन देना बंद नहीं करता, भारत का रुख यथावत रहेगा।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि सिंधु जल संधि पर भारत का रुख पहले जैसा ही है। उन्होंने दोहराया कि पाकिस्तान को सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देना बंद करना होगा। भारत ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी, उसके बाद वर्ष 2025 में सिंधु जल संधि को स्थगित करने का फैसला लिया था।

यह बयान ऐसे समय आया है जब इस्लामाबाद में सिंधु जल संधि पर आयोजित एक सेमिनार में पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने भारत के फैसले का विरोध किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान भारत द्वारा संधि को स्थगित करने के निर्णय को स्वीकार नहीं करता और किसी भी पक्ष को इस तरह की अंतरराष्ट्रीय संधि के तहत अपनी जिम्मेदारियों को एकतरफा निलंबित करने का अधिकार नहीं है।

गौरतलब है कि 1960 में विश्व बैंक की मध्यस्थता में हुई सिंधु जल संधि भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु नदी प्रणाली तथा उसकी सहायक नदियों के जल बंटवारे और उपयोग को नियंत्रित करती है। यह दोनों देशों के बीच सबसे महत्वपूर्ण द्विपक्षीय समझौतों में से एक मानी जाती है।

भारत ने साफ संकेत दिया है कि सीमा पार आतंकवाद और सुरक्षा चिंताओं के मुद्दे पर उसकी नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है। ऐसे में सिंधु जल संधि को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद फिलहाल जारी रहने के आसार हैं।

Related Articles

Back to top button