दिल्ली। त्रिपुरा सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए सभी शनिवार को अवकाश घोषित कर दिया है। अब राज्य के सरकारी कार्यालय सप्ताह में पांच दिन संचालित होंगे। इसके साथ ही कार्यालयों के कामकाज का समय भी बदल दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत सरकारी दफ्तर सुबह 9:30 बजे से शाम 6 बजे तक खुले रहेंगे।
अब तक त्रिपुरा में सरकारी कर्मचारियों को केवल दूसरे और चौथे शनिवार की छुट्टी मिलती थी, जबकि बाकी शनिवार को नियमित कामकाज होता था। लेकिन नई नीति लागू होने के बाद सभी शनिवार को अवकाश रहेगा। सरकार का मानना है कि इससे कर्मचारियों को बेहतर कार्य-जीवन संतुलन (वर्क-लाइफ बैलेंस) मिलेगा और वे अपने परिवार तथा व्यक्तिगत जीवन के लिए अधिक समय निकाल सकेंगे।
नई व्यवस्था के तहत कार्यालयों के कार्य समय में भी बदलाव किया गया है। पहले सरकारी दफ्तर सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक संचालित होते थे। अब कर्मचारियों को सुबह 9:30 बजे कार्यालय पहुंचना होगा और शाम 6 बजे तक काम करना होगा। यानी कार्यालयों में काम के कुल घंटों को बढ़ाकर प्रशासनिक कार्यों की निरंतरता बनाए रखने का प्रयास किया गया है।
राज्य सरकार का कहना है कि इस बदलाव का उद्देश्य कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य और कार्यक्षमता को बेहतर बनाना है। अधिकारियों के अनुसार लगातार बढ़ते कार्य दबाव को देखते हुए कर्मचारियों को अतिरिक्त आराम और पारिवारिक समय देने की जरूरत महसूस की जा रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।
सरकार को उम्मीद है कि पांच दिवसीय कार्य प्रणाली से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और वे सप्ताह के दौरान अधिक ऊर्जा और दक्षता के साथ काम कर सकेंगे। साथ ही प्रशासनिक जवाबदेही और सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता पर भी कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।
इस फैसले के बाद त्रिपुरा उन राज्यों की सूची में शामिल हो गया है, जहां सरकारी कर्मचारियों के लिए सप्ताह में दो दिन का नियमित अवकाश लागू है। यह निर्णय कर्मचारियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
