LPG संकट: आधी रात से गैस एजेंसियों पर पहरा; 4,000 में बिक रहा सिलेंडर, होटल-रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर

नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच छिड़ी जंग की तपिश अब भारतीय रसोई तक पहुंच गई है। देशभर में एलपीजी गैस की भारी किल्लत के चलते हाहाकार मचा है।
उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में लोग रात 2 बजे से ही खाली सिलेंडर लेकर कतारों में लग रहे हैं। हालात इतने बेकाबू हैं कि कई शहरों में पुलिस के साये में गैस का वितरण करना पड़ रहा है।
ब्लैक में 4000 का एक सिलेंडर, सप्लाई चेन ध्वस्त
गैस की कमी ने जमाखोरों की चांदी कर दी है। ₹2,000 में मिलने वाला कमर्शियल सिलेंडर अब ₹4,000 तक में बिक रहा है।
होटल-रेस्टोरेंट पर ताले: मध्य प्रदेश में 50 हजार से ज्यादा होटल बंद होने की कगार पर हैं। छोटे ढाबा संचालकों ने लकड़ी और कोयले के चूल्हों का रुख कर लिया है।
पंजाब में हादसा: बरनाला में गैस की लाइन में लगे एक बुजुर्ग की हार्ट अटैक से मौत हो गई, जिससे लोगों में भारी आक्रोश है।
नियमों में बदलाव: सरकार ने अब सिलेंडर की बुकिंग के लिए 25 दिन का लॉक-इन पीरियड अनिवार्य कर दिया है, यानी एक सिलेंडर मिलने के 25 दिन बाद ही अगली बुकिंग होगी।
क्यों पैदा हुआ यह संकट?
इस किल्लत के पीछे दो मुख्य अंतरराष्ट्रीय कारण हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz): जंग के चलते यह समुद्री रास्ता असुरक्षित हो गया है। भारत अपनी जरूरत का 54% LNG इसी रास्ते से मंगाता है। वहां करीब 20 टैंकर फंसे हुए हैं। कतर में प्रोडक्शन ठप: ईरान के ड्रोन हमलों के बाद भारत को सबसे ज्यादा गैस सप्लाई करने वाले देश कतर ने अपने प्लांट का प्रोडक्शन रोक दिया है।
सरकार का एक्शन और अपील
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और ईंधन की कोई कमी नहीं है।
सरकार ने अपील की है कि जिन 60 लाख परिवारों के पास पाइप वाली गैस (PNG) की सुविधा है, वे तुरंत उस पर शिफ्ट हो जाएं।
मदुरई से लेकर रायपुर और छतरपुर तक पुलिस ने छापेमारी कर करीब 500 से ज्यादा अवैध सिलेंडर जब्त किए हैं।
प्रशासन का दावा है कि हॉर्मुज में फंसे कुछ टैंकर भारत की ओर रवाना हो चुके हैं, जिससे अगले एक हफ्ते में सप्लाई सामान्य होने की उम्मीद है।





