बंगाल उपचुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी गिरफ्तार: 2021 झड़प केस में पुलिस ने पकड़ा, कांग्रेस उम्मीदवार भी हिरासत में

दिल्ली। पश्चिम बंगाल के रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पुलिस ने शनिवार को निर्दलीय उम्मीदवार सैफुल इस्लाम को बहरामपुर से गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान दो गुटों के बीच हुई झड़प के पुराने मामले में की गई है। सैफुल इस्लाम आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) से जुड़े हैं।
सैफुल की गिरफ्तारी से एक दिन पहले नंदीग्राम उपचुनाव के कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को भी गिरफ्तार किया गया था। उन्हें 2007 के नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन के दौरान दर्ज हत्या के पुराने मामले में पकड़ा गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, मामले में उनके खिलाफ पहले से वारंट जारी था। फिलहाल उन्हें 3 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
AJUP नेता नकली नोट और हथियार के साथ पकड़े गए
पुलिस ने शुक्रवार को AJUP के प्रदेश सचिव आशिक इकबाल को भी गिरफ्तार किया था। अधिकारियों के अनुसार, मुर्शिदाबाद जिले में वाहन जांच के दौरान उन्हें पकड़ा गया। तलाशी में बड़ी मात्रा में नकली नोट और अवैध हथियार मिलने का दावा किया गया है। उनके साथ मौजूद एक अन्य व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया।
रेजीनगर में TMC प्रत्याशी ने लिया यू-टर्न
रेजीनगर से TMC उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी ने शनिवार सुबह चुनाव से हटने का ऐलान किया था। उन्होंने पार्टी के पुराने चुनाव चिह्न ‘जोड़ा घासफूल’ के बजाय ‘फुटबॉल प्लेयर’ सिंबल मिलने को वजह बताया। करीब तीन घंटे बाद उन्होंने चुनाव लड़ने का फैसला वापस लेते हुए कहा कि ममता बनर्जी से बातचीत के बाद वे मैदान में रहेंगे।
नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव 6 अक्टूबर को होने हैं। दोनों सीटें 2026 के विधानसभा चुनाव के बाद खाली हुई हैं।
TMC के नाम-सिंबल पर विवाद
चुनाव आयोग ने 17 सितंबर को TMC के दोनों गुटों को पुराने पार्टी नाम और ‘जोड़ा घासफूल’ चुनाव चिह्न के इस्तेमाल से रोक दिया था। ममता गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फुटबॉल प्लेयर’ सिंबल दिया गया है, जबकि अरूप रॉय गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न मिला है। ममता बनर्जी ने आयोग के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।





