कोंडागांव में 100 एकड़ वनभूमि से हटाया गया अवैध कब्जा, करोड़ों के पेड़ काटकर बनाई गई थी खेती की जमीन

कोंडागांव। छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में वन संरक्षण को लेकर बड़ी कार्रवाई करते हुए वन विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने करीब 35 हेक्टेयर (लगभग 100 एकड़) वनभूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया है। मुलमला रेंज के मालगांव, धुंसी और बुडरा क्षेत्र में वर्षों से वनभूमि पर अवैध कब्जा कर खेती की जा रही थी। कार्रवाई के दौरान जंगल के भीतर बनाए गए मकानों और अन्य अवैध निर्माणों को हटाकर भूमि को वन विभाग के कब्जे में लिया गया।
वन विभाग के अनुसार ग्राम कुम्हारी निवासी बजरंग नेताम और बड़े कनेरा निवासी चैतन्य कश्यप पर बड़े पैमाने पर वनभूमि पर अतिक्रमण करने का आरोप है। विभागीय रिकॉर्ड के मुताबिक वर्ष 2010 से दोनों परिवार लगातार कब्जा बढ़ाते जा रहे थे। इस दौरान सैकड़ों बहुमूल्य पेड़ों की कटाई कर घने जंगल को खेती योग्य भूमि में बदल दिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि अतिक्रमणकारियों ने केवल पेड़ नहीं काटे, बल्कि खड़े पेड़ों को सुखाने के लिए उनके तनों में गार्डलिंग की, आग लगाई और रसायनों का इस्तेमाल भी किया। इसके बाद जमीन पर खेती शुरू कर दी गई। कई बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद कब्जा नहीं हटाया गया, जिसके बाद बेदखली की कार्रवाई की गई।
वन विभाग ने कहा कि कब्जे से मुक्त कराई गई भूमि पर जल्द ही व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा, ताकि नष्ट हुए जंगल को फिर से विकसित किया जा सके। कार्रवाई के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने संतोष जताते हुए कहा कि जंगल उनकी आजीविका और पर्यावरणीय सुरक्षा का आधार हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वनभूमि पर अवैध कब्जा, पेड़ों की कटाई और जंगलों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।





