ChhattisgarhStateNewsछत्तीसगढ़

BSP लोहा चोरी केस में विजेंद्र धुरिया को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत, बोले- गलत तरीके से फंसाया गया

दुर्ग-भिलाई। भिलाई स्टील प्लांट (BSP) से कथित लोहा चोरी के मामले में आरोपी विजेंद्र कुमार धुरिया को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की कोर्ट ने विजेंद्र की अग्रिम जमानत याचिका मंजूर कर ली है। कोर्ट ने निर्देश दिया कि गिरफ्तारी होने की स्थिति में जरूरी औपचारिकताएं और शर्तें पूरी करने पर उसे जमानत पर रिहा किया जाए।

यह मामला BSP के ब्लास्ट फर्नेस से निकलने वाले फ्लू डस्ट की आड़ में कथित तौर पर आयरन स्क्रैप बाहर ले जाने से जुड़ा है। पुरानी भिलाई थाना पुलिस ने विजेंद्र के खिलाफ BNS की धारा 303(2), 317(4) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है।

कोर्ट में खुद को बताया निर्दोष

सुनवाई के दौरान विजेंद्र की ओर से उसे मामले में गलत तरीके से फंसाए जाने की दलील दी गई। बचाव पक्ष ने बताया कि इसी केस में शामिल चार अन्य आरोपियों को भी हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिल चुकी है। आरोपी का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होने की बात भी कोर्ट के सामने रखी गई।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने मामले के तथ्यों, सह-आरोपियों को मिली राहत और विजेंद्र के आपराधिक रिकॉर्ड को ध्यान में रखते हुए अग्रिम जमानत मंजूर कर दी।

26 मई को सामने आया था मामला

पुलिस के अनुसार, BSP के ब्लास्ट फर्नेस से निकलने वाले फ्लू डस्ट को उठाकर ले जाने का ठेका आरडीके इंडस्ट्री को मिला था। 26 मई को पेट्रोलिंग टीम ने फ्लू डस्ट ले जा रहे दो वाहनों को रोका। तलाशी के दौरान वाहनों में बड़ी मात्रा में आयरन स्क्रैप भी मिला। इसके बाद BSP अधिकारियों की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की।

जमानत के साथ लगाई शर्तें

हाईकोर्ट ने कहा कि गिरफ्तारी होने पर विजेंद्र को व्यक्तिगत बांड और एक जमानतदार प्रस्तुत करना होगा। उसे गवाहों को प्रभावित करने, जांच में बाधा डालने या साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने से बचना होगा। साथ ही निचली अदालत में होने वाली सुनवाई में उपस्थित रहना होगा। अग्रिम जमानत मिलने का अर्थ मामले से बरी होना नहीं है। पुलिस की जांच और मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।

Related Articles

Back to top button