जशपुर में शुरू हुआ हेलमेट बैंक, 1000 हेलमेट रखे गए; जरूरतमंदों को मिलेंगे

CM विष्णुदेव साय ने किया शुभारंभ; हेलमेट नहीं होने पर पुलिस से अस्थायी रूप से ले सकेंगे, लौटाने के साथ करना होगा एक सेवा कार्य
जशपुर। जशपुर में अब दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट नहीं होने पर पुलिस की मदद मिलेगी। इसके लिए जशपुर पुलिस ने हेलमेट बैंक शुरू किया है। इसमें 1000 हेलमेट रखे गए हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बुधवार को पुलिस लाइन में इस पहल का शुभारंभ किया। इसके तहत जरूरतमंद दोपहिया वाहन चालकों को अस्थायी रूप से हेलमेट दिया जाएगा। अपना काम पूरा करने के बाद उन्हें हेलमेट वापस जमा करना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल यातायात नियमों का पालन नहीं, बल्कि स्वयं और अपने परिवार की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी है। दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट और चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का उपयोग अनिवार्य रूप से करना चाहिए। एक छोटी सी सावधानी गंभीर दुर्घटना में जान बचा सकती है।
हेलमेट लौटाने के साथ करना होगा सेवा कार्य
हेलमेट बैंक की व्यवस्था के मुताबिक, जिन लोगों के पास अचानक किसी जरूरी काम से निकलते समय हेलमेट नहीं है या तत्काल खरीदने की आर्थिक सुविधा नहीं है, वे पुलिस से हेलमेट ले सकेंगे। काम पूरा होने के बाद अपना हेलमेट लाकर पुलिस का हेलमेट वापस करना होगा। इसके साथ उन्हें सड़क सुरक्षा जागरूकता से जुड़े एक छोटे सेवा कार्य में भी सहयोग करना होगा।
बिना हेलमेट वालों पर भी कार्रवाई
जशपुर पुलिस बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चला रही है। ऐसे लोगों के वाहन जब्त किए जा रहे हैं। नया हेलमेट खरीदकर उसकी रसीद दिखाने पर बिना चालान काटे वाहन छोड़ने की व्यवस्था की गई है। पुलिस का उद्देश्य कार्रवाई के साथ लोगों में हेलमेट पहनने की आदत विकसित करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हेलमेट बैंक से जरूरतमंदों को मदद मिलेगी और सुरक्षित यातायात के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी। कार्यक्रम में रायगढ़ सांसद राधेश्याम राठिया, विधायक रायमुनि भगत, गोमती साय, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गा, IG दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास और SSP डॉ. लाल उमेद सिंह सहित जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।





