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महादेव बुक पर 40,603 करोड़ GST का नोटिस: 1.45 लाख करोड़ के कारोबार का आकलन, सौरभ चंद्राकर समेत 97 लोगों को नोटिस

रायपुर। ऑनलाइन बेटिंग और गेमिंग सिंडिकेट महादेव बुक के खिलाफ DGGI रायपुर जोनल यूनिट ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच के बाद 26 अगस्त 2026 को दो शो-कॉज नोटिस जारी किए गए।

इनमें 1 अप्रैल 2020 से 31 मार्च 2024 के बीच करीब 1.45 लाख करोड़ रुपए के टैक्सेबल कारोबार का आकलन किया गया है। इस पर 40,603 करोड़ रुपए से अधिक GST की मांग प्रस्तावित की गई है। कार्रवाई के दायरे में सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल समेत कुल 97 लोग हैं।

2 हजार पैनल, रोजाना करीब 99 करोड़ रुपए जमा होने का अनुमान

DGGI की जांच में करीब 2 हजार पैनलों का नेटवर्क सामने आया। पैनल ऑपरेटरों के बयानों के मुताबिक, प्रत्येक पैनल पर रोजाना औसतन 5 से 10 लाख रुपए जमा होते थे। सभी पैनलों को मिलाकर रोजाना करीब 99 करोड़ रुपए के लेन-देन का अनुमान लगाया गया है।

कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से चलता था बेटिंग नेटवर्क

जांच के अनुसार महादेव बुक केवल एक वेबसाइट या ऐप नहीं था, बल्कि कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए बेटिंग नेटवर्क संचालित किया जाता था। क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस समेत विभिन्न खेलों पर ऑनलाइन बेटिंग कराए जाने की बात जांच में सामने आई है। इसमें gold365.com, laser247.com, 11xplay.com, betbook247.com, silverexch.com और Skyexchange जैसे प्लेटफॉर्म का उल्लेख है।

WhatsApp से संपर्क, रकम के बाद मिलते थे बेटिंग पॉइंट

जांच के मुताबिक खिलाड़ी WhatsApp नंबरों के जरिए संपर्क करते थे। इसके बाद उन्हें अलग-अलग पैनलों से जोड़ा जाता था। बैंक खातों में रकम जमा होने के बाद खिलाड़ियों को बेटिंग क्रेडिट या पॉइंट दिए जाते थे। जांच में थर्ड पार्टी, बेनामी और म्यूल बैंक खातों के इस्तेमाल की बात भी सामने आई है।

1.45 लाख करोड़ की टैक्सेबल वैल्यू

बैंकिंग लेन-देन, दस्तावेजों, पैनल नेटवर्क और बयानों के आधार पर DGGI ने कुल टैक्सेबल वैल्यू ₹1,45,010.77 करोड़ आंकी है। इसमें 30 सितंबर 2023 तक करीब ₹35,517.22 करोड़ और 1 अक्टूबर 2023 से 31 मार्च 2024 तक करीब ₹5,085.80 करोड़ IGST की मांग प्रस्तावित है।

जांच में आरोप है कि इतने बड़े कारोबार के बावजूद संबंधित गतिविधियों के लिए GST रजिस्ट्रेशन नहीं कराया गया और रिटर्न भी दाखिल नहीं किए गए।

66 और 31 लोगों को अलग-अलग नोटिस

दोनों शो-कॉज नोटिस में क्रमशः 66 और 31 लोगों को नोटिसी बनाया गया है। कुछ नाम दोनों अवधियों में शामिल हैं, इसलिए कुल 97 अलग-अलग लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। DGGI ने सौरभ चंद्राकर को महादेव बुक का फाउंडर, मालिक और प्रमुख प्रमोटर, जबकि रवि उप्पल को प्रमुख सहयोगी और सह-प्रमोटर बताया है।

Gameskraft फैसले के बाद कार्रवाई को मिला आधार

ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े GST मामलों में सुप्रीम कोर्ट के Gameskraft फैसले के बाद विभागीय कार्रवाई का कानूनी आधार मजबूत हुआ। इसी पृष्ठभूमि में पुराने ऑनलाइन बेटिंग लेन-देन और उनकी टैक्सेबल वैल्यू की जांच की गई।

जांच में कुछ बयानों के आधार पर पैनलों से होने वाले लाभ का 70 से 80 प्रतिशत तक हिस्सा हेड ऑफिस पहुंचने की बात भी सामने आई है। करीब 2 हजार पैनल, रोजाना करोड़ों रुपए का लेन-देन और 40 हजार करोड़ रुपए से अधिक की प्रस्तावित GST मांग के चलते यह मामला ऑनलाइन गेमिंग क्षेत्र की बड़ी कर कार्रवाइयों में शामिल हो गया है।

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