बस्तर के 461 गांवों तक पहुंचेगी ग्रिड बिजली: केंद्र से 435 करोड़ की मदद मांगी, CM साय बोले- विकास की मुख्यधारा से जुड़ेंगे आदिवासी इलाके

रायपुर/नई दिल्ली। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम से मुलाकात कर बस्तर संभाग के 461 दूरस्थ और पूर्व नक्सल प्रभावित गांवों तक ग्रिड बिजली पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार से 435 करोड़ रुपए की विशेष वित्तीय सहायता का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने इस संबंध में विस्तृत प्रस्ताव सौंपते हुए कहा कि जिन क्षेत्रों में वर्षों तक नक्सल हिंसा के कारण विकास नहीं पहुंच सका, वहां अब बिजली जैसी बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह परियोजना धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना के तहत प्रस्तावित है। इसकी कुल लागत 973 करोड़ रुपए है।
इसमें वर्ष 2026-27 के लिए 85 करोड़, 2027-28 के लिए 250 करोड़ और 2028-29 के लिए 100 करोड़ रुपए, यानी कुल 435 करोड़ रुपए की सहायता केंद्र सरकार से मांगी गई है। शेष राशि राज्य सरकार वहन करेगी।
श्री साय ने अनुरोध किया कि संविधान के अनुच्छेद 275(1) के तहत इस प्रस्ताव को विशेष प्रकरण मानते हुए जल्द मंजूरी दी जाए। उन्होंने कहा कि बिजली पहुंचने से आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सिंचाई और छोटे उद्योगों को नई गति मिलेगी तथा लोगों का जीवन स्तर बेहतर होगा।
केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम ने मुख्यमंत्री को भरोसा दिलाया कि प्रस्ताव प्राप्त होते ही स्वीकृति की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि बस्तर के विकास से जुड़े इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के लिए धन की कमी नहीं आने दी जाएगी और केंद्र सरकार हरसंभव सहयोग करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर अब विकास, विश्वास और नई संभावनाओं का प्रतीक बन रहा है। 461 गांवों तक ग्रिड बिजली पहुंचना इस परिवर्तन की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।





