ADB से मिलेगा 15 करोड़ का अनुदान: ‘अंजोर लाइट’ परियोजना को कैबिनेट की मंजूरी, विजन-2047 को मिलेगी नई रफ्तार

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ अंजोर विजन-2047 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।
कैबिनेट ने एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) की ‘अंजोर लाइट (Anjor Linked Implementation & Guidance for Holistic Tracking)’ तकनीकी सहायता परियोजना को मंजूरी दी, जिसके तहत राज्य को 15 करोड़ रुपये का पूर्ण अनुदान (ग्रांट) मिलेगा।
खास बात यह है कि इस परियोजना के लिए राज्य सरकार या केंद्र सरकार को कोई वित्तीय अंशदान नहीं देना होगा।
यह परियोजना 1 दिसंबर 2026 से 30 नवंबर 2029 तक तीन वर्षों के लिए संचालित होगी। इसका समन्वय वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग के माध्यम से होगा, जबकि राज्य स्तर पर वित्त विभाग नोडल एजेंसी रहेगा।
संचालनालय संस्थागत वित्त इसके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संभालेगा और निगरानी के लिए प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग यूनिट (PMU) गठित की जाएगी।
परियोजना का उद्देश्य छत्तीसगढ़ अंजोर विजन-2047 के तहत विकास योजनाओं की मॉनिटरिंग और मूल्यांकन प्रणाली को मजबूत करना है।
इसके जरिए लोक वित्त प्रबंधन (PFM) को सुदृढ़ किया जाएगा, आउटकम आधारित बजटिंग, ग्रीन बजटिंग और जलवायु अनुकूल विकास परियोजनाओं को बढ़ावा मिलेगा।
साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रियायती जलवायु वित्त, सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) और संस्थागत क्षमता विकास के क्षेत्र में तकनीकी सहयोग भी उपलब्ध कराया जाएगा।
परियोजना के तहत विभिन्न विभागों के लिए प्राथमिकता आधारित विकास परियोजनाओं की पाइपलाइन तैयार होगी।
सार्वजनिक उपक्रमों की वित्तीय स्थिति, ऋण प्रबंधन और लाभप्रदता को बेहतर बनाने के साथ-साथ नई पीपीपी परियोजनाओं के लिए व्यवहार्यता अध्ययन और नीतिगत सहायता भी प्रदान की जाएगी।
सरकार का मानना है कि इस पहल से राज्य में निवेश को बढ़ावा मिलेगा, हरित एवं सतत विकास को नई गति मिलेगी और छत्तीसगढ़ अंजोर विजन-2047 के लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से हासिल करने में मदद मिलेगी।
पूरी तरह अनुदान आधारित होने के कारण यह परियोजना बिना अतिरिक्त वित्तीय बोझ के राज्य की संस्थागत क्षमता और विकास योजनाओं को नई मजबूती प्रदान करेगी।





