नवा रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नवा रायपुर स्थित आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (TRTI) में आयोजित दो दिवसीय ‘आदि परब’ के समापन समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प से छत्तीसगढ़ जल्द ही नक्सलवाद से मुक्त होगा, जिससे बस्तर में विकास और अमन-चैन का नया दौर शुरू होगा।
‘गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ में दर्ज हुआ आयोजन
‘परंपरा से पहचान तक’ की थीम पर आयोजित इस महोत्सव ने वैश्विक स्तर पर अपनी छाप छोड़ी है।
- विश्व रिकॉर्ड: आयोजन के दौरान प्रदर्शित जनजातीय चित्रकला और परिधानों को ‘गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ से सम्मानित किया गया।
- सांस्कृतिक संगम: इसमें छत्तीसगढ़ सहित तेलंगाना, ओडिशा, महाराष्ट्र और झारखंड के लोक कलाकारों ने भाग लिया। 43 विभिन्न जनजातियों के पारंपरिक परिधानों में सजे ‘अटायर शो’ ने दर्शकों का मन मोह लिया।
शिक्षा और शोध के लिए नई सौगात
मुख्यमंत्री ने जनजातीय समाज के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए 5 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 100 सीटर छात्रावास का लोकार्पण किया। साथ ही, UPSC में सफल हुए अंकित साकिनी और डायमंड ध्रुव सहित IIT/NIT में चयनित ‘प्रयास’ विद्यालय के छात्रों को सम्मानित किया गया।
नक्सलवाद पर प्रहार और विकास की पहल
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘नियद नेल्लानार’ (आपका अच्छा गांव) योजना के माध्यम से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे को बदला जा रहा है।
- डिजिटल संग्रहालय: उन्होंने 1 नवंबर 2025 को लोकार्पित देश के पहले डिजिटल ‘शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय’ का उल्लेख करते हुए इसे जनजातीय गौरव का प्रतीक बताया।
- सरकारी योजनाएं: पीएम जनमन योजना और जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत हजारों बसाहटों का कायाकल्प किया जा रहा है।
कार्यक्रम में मंत्री रामविचार नेताम और केदार कश्यप ने भी सरकार के संकल्प को दोहराया। अंत में, मुख्यमंत्री ने सरगुजा क्षेत्र के जनजातीय इतिहास पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया।
