नारी शक्ति के सम्मान और आर्थिक मजबूती के लिए प्रतिबद्ध सरकार: CM साय

रायपुर में गरबा और नवरात्रि महोत्सवों में शामिल हुए मुख्यमंत्री; बोले- महतारी वंदन से 68 लाख महिलाओं को मदद, प्रदेश में 14 लाख लखपति दीदी
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, स्वावलंबन और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। महिलाओं की प्रगति केवल परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे समाज और प्रदेश के विकास का आधार है।
उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना से प्रदेश की लगभग 68 लाख माताओं-बहनों को हर महीने एक हजार रुपए की आर्थिक सहायता मिल रही है। वहीं, प्रदेश की 14 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।
मुख्यमंत्री 17 अक्टूबर को राजधानी रायपुर में आयोजित विभिन्न गरबा और नवरात्रि महोत्सवों में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों को नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री सबसे पहले कालीबाड़ी स्थित मां काली मंदिर पहुंचे और दर्शन-पूजन कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके बाद वे मंडी परिसर में श्री कच्छ कड़वा पाटीदार समाज के नवरात्रि महोत्सव, भानपुरी में आयोजित गरबा समारोह, गोवर्धन नगर में श्री कच्छ गुर्जर क्षत्रिय समाज के नवरात्रि महोत्सव और अमलीडीह में ढोलिडा रास गरबा-2026 में शामिल हुए।
गरबा आस्था और सामाजिक एकता का संगम
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नवरात्रि शक्ति की आराधना के साथ हमारी सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का भी प्रतीक है। नौ दिनों तक मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा-अर्चना लोगों को साहस, संयम, सकारात्मकता और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। गरबा केवल नृत्य नहीं, बल्कि मां दुर्गा के प्रति श्रद्धा और भक्ति की अभिव्यक्ति है।
उन्होंने कहा कि गुजरात से शुरू हुई गरबा की परंपरा आज पूरे देश में उत्साह के साथ मनाई जाती है। ऐसे आयोजन भारत की सांस्कृतिक विविधता में एकता का उदाहरण हैं। अलग-अलग समाज और समुदाय जब एक साथ उत्सव मनाते हैं, तो आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे की भावना मजबूत होती है। मुख्यमंत्री ने गरबा महोत्सवों में महिलाओं और बेटियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी पर प्रसन्नता जताई।
महतारी वंदन से महिलाओं को आर्थिक मदद
मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इसके तहत प्रदेश की लगभग 68 लाख माताओं-बहनों के बैंक खातों में हर महीने एक हजार रुपए की सहायता राशि सीधे भेजी जा रही है।
उन्होंने कहा कि इस राशि का उपयोग महिलाएं अपनी दैनिक जरूरतों, बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य, बचत और परिवार की आवश्यकताओं के लिए कर रही हैं। आर्थिक सहायता से महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ता है और परिवार से जुड़े फैसलों में उनकी भागीदारी मजबूत होती है। महिला आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होती है, तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार पर पड़ता है।
14 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश की 14 लाख महिलाओं का लखपति दीदी बनना उनकी मेहनत, लगन और उद्यमशीलता का प्रमाण है। स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं विभिन्न आर्थिक गतिविधियों के माध्यम से परिवार की आय बढ़ाने के साथ गांवों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रही हैं।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता से परिवारों में खुशहाली आती है। बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर पड़ता है तथा समाज में बदलाव की गति तेज होती है। राज्य सरकार महिलाओं के कौशल विकास, आजीविका और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए प्रयास कर रही है। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में मातृशक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका है।
छत्तीसगढ़ में शक्ति आराधना की समृद्ध परंपरा
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की पावन धरती है। यहां मां दंतेश्वरी, मां बम्लेश्वरी, मां महामाया और मां चंद्रहासिनी जैसे प्रमुख देवी शक्तिपीठ आस्था के बड़े केंद्र हैं। नवरात्रि के दौरान दंतेवाड़ा, डोंगरगढ़, रतनपुर और चंद्रपुर सहित प्रदेश के विभिन्न धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालु पहुंचते हैं। गांवों और शहरों में ज्योति कलश प्रज्ज्वलित किए जाते हैं और पूरा प्रदेश भक्तिमय वातावरण में डूब जाता है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति में प्रकृति, आस्था, लोकजीवन और अध्यात्म का अनूठा मेल दिखाई देता है। तीज-त्योहार और धार्मिक परंपराएं पीढ़ियों को जोड़ती हैं। इन परंपराओं को सहेजना और नई पीढ़ी तक पहुंचाना सभी की जिम्मेदारी है।
‘विकास भी, विरासत भी’ के मंत्र पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अपनी सांस्कृतिक विरासत को सहेजते हुए विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसी भावना के अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार भी विकास के साथ प्रदेश की संस्कृति, आस्था और परंपराओं के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं विकसित करने और उन्हें पर्यटन से जोड़ने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने मां दुर्गा से प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, देवजी भाई पटेल, जयंती पटेल, जगदीश पटेल सहित विभिन्न समाजों के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।





