मानसून के साथ खेती ने पकड़ी रफ्तार: छत्तीसगढ़ में 6.25 लाख हेक्टेयर में बोनी पूरी, किसानों को 7.28 लाख मीट्रिक टन खाद वितरित

रायपुर। प्रदेश में मानसून की दस्तक के साथ ही खरीफ सीजन की खेती रफ्तार पकड़ने लगी है। कृषि विभाग के अनुसार 2 जुलाई तक राज्य में 6.25 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी पूरी हो चुकी है, जो इस वर्ष के 48.69 लाख हेक्टेयर के लक्ष्य का करीब 13 प्रतिशत है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अधिकारियों को किसानों को उनकी मांग के अनुरूप समय पर खाद और प्रमाणित बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि खाद-बीज वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सहकारी समितियों में पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने और वितरण व्यवस्था की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में कृषि विभाग इस व्यवस्था पर नजर बनाए हुए है।
कृषि विभाग के मुताबिक अब तक किसानों को 7.28 लाख मीट्रिक टन उर्वरक और 3.09 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरित किए जा चुके हैं। धान के अलावा मक्का, कोदो, कुटकी, अरहर, मूंग, मूंगफली और रामतिल जैसी फसलों की बोनी भी तेजी से चल रही है। विभाग का कहना है कि मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ आने वाले दिनों में बोनी का रकबा और बढ़ेगा।
प्रदेश में 2 जुलाई तक औसत 96.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि राज्य की औसत वार्षिक वर्षा 1246.3 मिमी है। इस खरीफ सीजन के लिए बीज निगम ने 4.95 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरण का लक्ष्य रखा है। इनमें से 4.30 लाख क्विंटल बीज का भंडारण किया जा चुका है और अब तक 3.09 लाख क्विंटल बीज किसानों को वितरित किए जा चुके हैं।
वहीं, किसानों को कृषि कार्यों के लिए वित्तीय सहायता भी दी जा रही है। किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से 30 जून तक 5525 करोड़ रुपए का अल्पकालीन कृषि ऋण वितरित किया गया है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 4517 करोड़ रुपए से अधिक है। इस वर्ष राज्य सरकार ने 8800 करोड़ रुपए ऋण वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया है।





