परीक्षा से पहले वायरल हुआ एंटोमोलॉजी का पेपर: CM साय ने कहा था, विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं; 6 आरोपी गिरफ्तार

रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) की बीएससी एग्रीकल्चर द्वितीय वर्ष की एंटोमोलॉजी परीक्षा का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के मामले को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गंभीरता से लिया है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि परीक्षाओं की शुचिता और विद्यार्थियों के भविष्य से कोई समझौता नहीं होगा। मामले की जांच के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने पांच सदस्यीय समिति गठित की है। वहीं तेलीबांधा थाने में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई है। मामलें में छह आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा है।
परीक्षा से पहले सोशल मीडिया पर आया पेपर
एंटोमोलॉजी विषय की परीक्षा 20 अगस्त को आयोजित होनी थी। इससे पहले प्रश्नपत्र सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होने की शिकायत सामने आई।
परीक्षा की निष्पक्षता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा निरस्त कर दी। परीक्षा में प्रदेश के 27 कृषि महाविद्यालयों के करीब 1,200 विद्यार्थी शामिल होने वाले थे। अब यह परीक्षा सितंबर के पहले सप्ताह में दोबारा आयोजित की जाएगी।
साइबर सेल भी जांच में शामिल
पांच सदस्यीय समिति वायरल प्रश्नपत्र और परीक्षा में उपयोग किए गए मूल प्रश्नपत्र का मिलान करेगी। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि प्रश्नपत्र सबसे पहले कहां से बाहर आया और किन माध्यमों से सोशल मीडिया तक पहुंचा।
पुलिस के साथ साइबर सेल डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर रहा है। पुलिस ने मामलें में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है।





