पूर्व मंत्री के घर DVAC का छापा, भर्ती में ₹634 करोड़ की रिश्वत के आरोप

चेन्नई। तमिलनाडु के पूर्व मंत्री और डीएमके नेता केएन नेहरू के खिलाफ सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय (DVAC) ने कार्रवाई की है। गुरुवार सुबह अधिकारियों की टीम ने तिरुचिरापल्ली के थिल्लई नगर स्थित उनके आवास और कार्यालय परिसर में छापेमारी की।
यह कार्रवाई नगर प्रशासन और जल आपूर्ति विभाग में कर्मचारियों की भर्ती में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले में की जा रही है। मामले में करीब 634 करोड़ रुपए की रिश्वत लेने के आरोप हैं। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
15 से ज्यादा अधिकारी तलाशी में जुटे
जानकारी के मुताबिक, गुरुवार सुबह तीन बोलेरो गाड़ियों से पहुंचे DVAC के 15 से अधिक अधिकारियों ने केएन नेहरू के आवास और कार्यालय परिसर में तलाशी शुरू की। सुरक्षा के मद्देनजर घर के प्रवेश द्वार पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। अधिकारी परिसर में मौजूद दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं और मामले से जुड़े साक्ष्यों का सत्यापन किया जा रहा है।
फिलहाल तलाशी में क्या-क्या मिला है, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। अधिकारियों की जांच पूरी होने के बाद जब्त दस्तावेजों या अन्य संभावित सबूतों के बारे में जानकारी दी जा सकती है।
परिवार में शादी की तैयारियों के बीच कार्रवाई
केएन नेहरू के छोटे भाई रविचंद्रन के बेटे की अगले कुछ दिनों में शादी होनी है। परिवार में समारोह की तैयारियां चल रही हैं। इसी बीच छापेमारी होने से राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, जांच की कार्रवाई और पारिवारिक समारोह के बीच किसी संबंध की जानकारी सामने नहीं आई है।
सितंबर में भी 19 ठिकानों पर हुई थी तलाशी
इससे पहले 5 सितंबर को भी DVAC ने केएन नेहरू और उनके भाई रविचंद्रन से जुड़े 19 ठिकानों पर तलाशी ली थी। मौजूदा कार्रवाई को भी भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के मामले से जोड़कर देखा जा रहा है।
फिलहाल जांच एजेंसी दस्तावेजों और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों और सामने आने वाले सबूतों के आधार पर की जाएगी।





