रायपुर में RDA की संपत्तियों का ड्रोन सर्वे: हर प्रॉपर्टी को मिलेगा UPIN

पुराने कागजी रिकॉर्ड होंगे डिजिटल, GIS मैपिंग और डोर-टू-डोर सत्यापन से बनेगा डिजिटल एसेट डेटाबेस
रायपुर। रायपुर में रायपुर विकास प्राधिकरण (RDA) की संपत्तियों और योजनाओं का अब हाईटेक तरीके से सर्वे और डिजिटल मैपिंग की जाएगी। इसके लिए पूरे क्षेत्र में GIS आधारित एसेट मैपिंग, हाई-रिजॉल्यूशन ड्रोन सर्वे, पुराने दस्तावेजों का डिजिटलीकरण और डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किया जाएगा। परियोजना के लिए RDA की निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
दशकों पुराने संपत्ति रजिस्टर, लेजर बुक, लेआउट नक्शे, पट्टा और लीज से जुड़े दस्तावेजों को डिजिटल स्वरूप दिया जाएगा। हर संपत्ति और भूखंड को यूनिक प्रॉपर्टी आइडेंटिफिकेशन नंबर (UPIN) मिलेगा। यह नंबर संपत्ति के डिजिटल रिकॉर्ड और GIS मैप से लिंक रहेगा।
ड्रोन सर्वे के साथ मौके पर होगा सत्यापन
सर्वे सिर्फ हवाई मैपिंग तक सीमित नहीं रहेगा। प्रशिक्षित टीमें डोर-टू-डोर जाकर संपत्तियों का भौतिक सत्यापन करेंगी। मोबाइल एप के जरिए जियो-टैग्ड फोटो और संपत्ति से जुड़ी जरूरी जानकारी जुटाई जाएगी। इसके बाद पुराने रिकॉर्ड, ड्रोन मैपिंग और मौके से मिले डेटा का मिलान किया जाएगा।
इससे संपत्तियों की सीमा, माप, उपयोग और स्थिति का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा। अनधिकृत कब्जे और भूमि संबंधी विसंगतियों की पहचान में भी मदद मिलेगी।
नामांतरण से NOC तक ऑनलाइन सेवाओं का आधार
एकीकृत डिजिटल डेटाबेस से भविष्य में नामांतरण, लीज नवीनीकरण, भवन अनुज्ञा और NOC जैसी सेवाओं को अधिक व्यवस्थित और ऑनलाइन बनाने में मदद मिलेगी। सड़क, नाली, ड्रेनेज, स्ट्रीट लाइट और जलापूर्ति जैसी अधोसंरचनाओं की जानकारी भी GIS पर उपलब्ध रहेगी।
आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में यह पहल सुशासन और सेवाओं के डिजिटलीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। RDA अध्यक्ष नंद कुमार साहू ने इसे तकनीक आधारित संपत्ति प्रबंधन की पहल बताया।
RDA CEO अवनीश कुमार शरण के मुताबिक ड्रोन सर्वे, जियो-टैगिंग और भौतिक सत्यापन से प्राधिकरण का व्यापक डिजिटल एसेट डेटाबेस तैयार होगा। सर्वे के दौरान नागरिकों से सहयोग की अपील की गई है। अधिकृत सर्वे कर्मचारियों के पास RDA का पहचान-पत्र अनिवार्य रहेगा।





