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छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज साय सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन शुक्रवार को कांग्रेस द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होगी। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत सदन में प्रस्ताव पेश करेंगे, जिसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सरकार के कामकाज को लेकर विस्तृत बहस होगी। राज्य गठन के बाद किसी सरकार के खिलाफ यह 10वां अविश्वास प्रस्ताव है।

कांग्रेस इस बार नकटी गांव में बुलडोजर कार्रवाई, कानून-व्यवस्था, किसानों की समस्याएं, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। वहीं भाजपा सरकार अपनी जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों और प्रशासनिक उपलब्धियों को सामने रखकर विपक्ष के आरोपों का जवाब देगी।

संख्या बल के लिहाज से विधानसभा में भाजपा की स्थिति मजबूत है। सदन में भाजपा के 54 विधायक, कांग्रेस के 35 विधायक और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का एक विधायक है। ऐसे में प्रस्ताव के पारित होने की संभावना कम मानी जा रही है, लेकिन राजनीतिक दृष्टि से यह बहस काफी अहम होगी।

छत्तीसगढ़ विधानसभा के इतिहास में अब तक 9 अविश्वास प्रस्ताव लाए जा चुके हैं और हर बार सरकारें बहुमत साबित करने में सफल रही हैं। सबसे लंबी चर्चा जुलाई 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की सरकार के खिलाफ हुई थी, जो 24 घंटे 25 मिनट तक चली थी। वहीं भूपेश बघेल सरकार के खिलाफ 2022 में 12 घंटे 32 मिनट और 2023 में भी अविश्वास प्रस्ताव पर लंबी बहस हुई थी।

मानसून सत्र के अंतिम दिन प्रश्नकाल भी महत्वपूर्ण रहेगा। इसमें महतारी वंदन योजना, धान खरीदी, राशन वितरण, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना और खाद्य एवं सहकारिता विभाग से जुड़े कई मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा जाएगा। इसके बाद सदन में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होगी, जिस पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हैं।

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