चार साल में 12 गुना बढ़े साइबर अपराध: रोज 61 करोड़ की ऑनलाइन ठगी; रायपुर में कार्यशाला, पुलिस ने बताए बचने के तरीके

रायपुर। डिजिटल युग में इंटरनेट और ऑनलाइन सेवाओं के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराध का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है। देश में पिछले चार वर्षों में साइबर अपराध के मामलों में 12 गुना और ठगी की रकम में 40 गुना तक बढ़ोतरी हुई है। वर्तमान में देश में रोजाना करीब 61 करोड़ रुपए की साइबर ठगी होने का दावा पुलिस ने किया है। साइबर अपराध से बचाव के लिए जागरूकता और सतर्कता को सबसे जरूरी बताया गया।
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में छत्तीसगढ़ पुलिस की ओर से ‘साइबर जागृति अभियान’ के तहत एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कृषि विकास, किसान कल्याण एवं आदिम जाति मंत्री रामविचार नेताम कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन सेवाओं का इस्तेमाल बढ़ने के साथ साइबर ठगी का खतरा भी बढ़ा है। ऐसे में लोगों को तकनीक के साथ सुरक्षा उपायों की जानकारी होना जरूरी है।
15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक अभियान
छत्तीसगढ़ पुलिस ने साइबर अपराधों पर रोक लगाने और लोगों को जागरूक करने के लिए 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक छह सप्ताह का विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और बैंक खाताधारकों को ऑनलाइन ठगी से बचने के तरीके बताए जा रहे हैं।
OTP, PIN और पासवर्ड किसी से साझा न करें
रायपुर पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साइबर ठगी से बचने के लिए किसी अनजान व्यक्ति को OTP, बैंक खाते की जानकारी, पासवर्ड या ATM PIN नहीं देना चाहिए। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से भी बचना चाहिए। फर्जी नौकरी, निवेश योजना, डिजिटल अरेस्ट, फिशिंग कॉल और सोशल मीडिया पर मिलने वाले लालच या धमकी के मामलों में सावधानी बरतने की अपील की गई।
ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें कॉल
पुलिस ने कहा कि साइबर ठगी होने पर घबराने के बजाय तत्काल राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करना चाहिए। इसके अलावा साइबर अपराध की शिकायत ऑनलाइन पोर्टल पर भी दर्ज की जा सकती है। कार्यशाला में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला, कुलसचिव डॉ. कपिल देव दीपक सहित अधिकारी, प्राध्यापक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।





