छत्तीसगढ़ के 15 से अधिक सांसद-विधायकों पर आपराधिक केस लंबित: भूपेश-मधुसूदन, देवेंद्र और कवासी लखमा समेत कई नाम शामिल

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की ओर से जारी मई 2026 की स्टेटस रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि राज्य के 15 से अधिक सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों के खिलाफ 20 से ज्यादा आपराधिक मामलों की सुनवाई विभिन्न अदालतों में लंबित है। इन मामलों की निगरानी विशेष और फास्ट ट्रैक अदालतों के माध्यम से की जा रही है।
रिपोर्ट के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, विधायक कवासी लखमा, भिलाई विधायक देवेंद्र यादव, कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव और पूर्व सांसद मधुसूदन यादव सहित कई नेताओं के खिलाफ अलग-अलग मामलों में नियमित सुनवाई चल रही है।
रायपुर की विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीबीआई) अदालत में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, कैलाश मुरारका और विजय भाटिया के खिलाफ आईपीसी की धारा 120-बी, 469, 471 और आईटी एक्ट की धारा 67-ए के तहत दर्ज मामले की सुनवाई जारी है। वहीं कवासी लखमा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत विशेष अदालत में मामला विचाराधीन है। ईडी द्वारा दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में कवासी लखमा और विधायक देवेंद्र यादव के मामलों की भी सुनवाई चल रही है।
बलौदाबाजार की अदालत में देवेंद्र यादव के खिलाफ बलवा, आगजनी और हत्या के प्रयास से जुड़े मामले लंबित हैं। वहीं बिलासपुर में विधायक अटल श्रीवास्तव के खिलाफ दर्ज प्रकरण में आरोप तय किए जाने की प्रक्रिया जारी है। गरियाबंद, कवर्धा और जांजगीर-चांपा की अदालतों में भी कई जनप्रतिनिधियों के खिलाफ धोखाधड़ी, मारपीट और अन्य मामलों की सुनवाई चल रही है।
राजनांदगांव की विशेष अदालत में पूर्व सांसद मधुसूदन यादव और अन्य आरोपियों के खिलाफ निवेशकों से कथित धोखाधड़ी के छह मामले दर्ज हैं। इनमें से तीन मामलों की कार्रवाई पर हाईकोर्ट ने अंतरिम रोक लगा रखी है, जबकि शेष मामलों में नियमित सुनवाई जारी है। हाईकोर्ट की ताजा स्टेटस रिपोर्ट के बाद इन मामलों की न्यायिक प्रगति पर एक बार फिर राजनीतिक और कानूनी हलकों की नजरें टिक गई हैं।





