विश्वकर्मा जयंती पर CM साय की 3 बड़ी घोषणाएं, श्रमिकों को ई-बाइक से ई-रिक्शा तक राहत

रायपुर। विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में राज्य स्तरीय श्रमिक महासम्मेलन आयोजित हुआ। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशभर से पहुंचे श्रमिकों को संबोधित करते हुए कहा कि श्रमिकों के परिश्रम से ही समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ की नींव मजबूत हो रही है। उन्होंने श्रमिकों के लिए तीन बड़ी घोषणाएं कीं।
मुख्यमंत्री ने शहरों में काम की तलाश में आने वाले श्रमिकों के लिए सर्वसुविधायुक्त आधुनिक श्रमिक सुविधा केंद्र बनाने की घोषणा की। यहां बैठने की व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, मोबाइल चार्जिंग सहित जरूरी सुविधाएं मिलेंगी। इसके अलावा पंजीकृत श्रमिकों के लिए ई-बाइक सहायता योजना शुरू करने की घोषणा की गई। असंगठित क्षेत्र के रिक्शा चालकों को ई-रिक्शा खरीदने के लिए मिलने वाली सहायता राशि 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपए कर दी गई।
महासम्मेलन में 26 योजनाओं के तहत 1.43 लाख से अधिक श्रमिकों के खातों में डीबीटी के जरिए 51 करोड़ 32 लाख रुपए से अधिक की सहायता राशि अंतरित की गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में पंजीकृत श्रमिकों के लिए 67 प्रकार की कल्याणकारी योजनाएं संचालित हैं। पिछले ढाई साल में इन योजनाओं के जरिए 1 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि श्रमिकों तक पहुंचाई गई है।
श्रमिक परिवारों के बच्चों की शिक्षा पर भी सरकार ने जोर दिया। अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना में अब 200 बच्चों को प्रतिष्ठित निजी आवासीय स्कूलों में नि:शुल्क शिक्षा दी जाएगी। कार्यक्रम में जेईई पास कर एनआईटी सूरत में प्रवेश लेने वाली श्रमिक परिवार की बेटी मनिंदर कौर को लैपटॉप और 1.75 लाख रुपए का चेक दिया गया।
वहीं, दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के तहत 100 श्रमिक महिलाओं को ई-रिक्शा की चाबी सौंपी गई। मुख्यमंत्री ने श्रमिक बहनों के साथ भोजन कर उनकी समस्याएं और योजनाओं के लाभ की जानकारी भी ली। साथ ही नई उपकर कटौती वेबसाइट और क्यूआर कोड युक्त श्रमिक पंजीयन कार्ड का शुभारंभ किया।





