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भगवान झूलेलाल जयंती और चेट्रीचण्ड्र की सीएम साय ने बधाई

सीएम साय ने सिंधी समाज को दी नववर्ष की शुभकामनाएं; कहा- समरसता के प्रतीक हैं ‘वरुण अवतार’

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भगवान झूलेलाल जी की जयंती और सिंधी नववर्ष ‘चेट्रीचण्ड्र’ (चैतीचांद) के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों, विशेषकर सिंधी समुदाय को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

मुख्यमंत्री ने भगवान झूलेलाल को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए सभी के सुख-समृद्धि की कामना की है।

मानवता और जल संरक्षण का संदेश
मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संदेश में कहा कि भगवान झूलेलाल जी केवल एक समुदाय के आराध्य नहीं, बल्कि वे समरसता, सहिष्णुता और जल संरक्षण के वैश्विक प्रतीक हैं।

जल के देवता (वरुण अवतार) के रूप में उनकी पूजा हमें प्रकृति के संरक्षण और मानवता को एक सूत्र में पिरोने की शिक्षा देती है। उनकी शिक्षाएं आज के दौर में भी अत्यंत प्रासंगिक हैं।

सांस्कृतिक गौरव का पर्व है ‘चैतीचांद’
मुख्यमंत्री ने चेट्रीचण्ड्र पर्व के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा:

सिंधी नववर्ष: यह पर्व सिंधी समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतिबिंब है।

उल्लास और आस्था: इसे न केवल जयंती के रूप में, बल्कि नववर्ष के स्वागत के तौर पर पूरे उत्साह के साथ मनाया जाता है।

सामाजिक एकता: ऐसे त्यौहार हमारे समाज में आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक गौरव को और अधिक सुदृढ़ करते हैं।

सुख-समृद्धि की कामना
मुख्यमंत्री ने इस विशेष अवसर पर प्रदेश के सभी नागरिकों के उत्तम स्वास्थ्य और शांतिपूर्ण जीवन की प्रार्थना की। उन्होंने सिंधी समाज द्वारा प्रदेश के विकास और व्यापारिक गतिविधियों में दिए जा रहे योगदान की भी सराहना की।

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