ChhattisgarhStateNewsछत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ ग्रामोद्योग बजट 2026-27: ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई संजीवनी; बुनकरों और शिल्पियों के लिए 228 करोड़ पारित

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज ग्रामोद्योग विभाग की 228 करोड़ 84 लाख 90 हजार रुपये की अनुदान मांगें सर्वसम्मति से पारित की गईं।

ग्रामोद्योग मंत्री गजेंद्र यादव ने बजट पेश करते हुए कहा कि यह बजट प्रदेश के पारंपरिक शिल्पियों, बुनकरों और कुटीर उद्योगों को आधुनिक बाजार से जोड़ने और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

लाखों ग्रामीणों को मिलेगा रोजगार का संबलमंत्री यादव ने बताया कि वर्तमान में विभाग की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लगभग 3.15 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा है। सरकार का लक्ष्य रेशम, हाथकरघा और हस्तशिल्प के जरिए इस आंकड़े को और बढ़ाना है।

प्रमुख विभागीय प्रावधान और योजनाएंविभाग/प्रभागबजट प्रावधान (2026-27)मुख्य लक्ष्य/योजनारेशम प्रभाग₹59.82 करोड़21 करोड़ से अधिक टसर ककून उत्पादन का लक्ष्य।पी.एम. एकता मॉल₹93 करोड़रायपुर में हस्तशिल्प और ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ के विपणन हेतु।

हाथकरघा₹5.60 करोड़बुनकरों को उन्नत करघे और डिजाइन विकास में सहायता।माटीकला बोर्ड₹3 करोड़कुम्हारों को निःशुल्क विद्युत चाक का वितरण।खादी बोर्ड₹8 करोड़परिवार आधारित कुटीर इकाइयों की स्थापना।

नवाचार: पी.एम. एकता मॉल और ग्लेजिंग यूनिटसरकार ने नवाचारों पर विशेष जोर दिया है:पी.एम. एकता मॉल: रायपुर में 93 करोड़ की लागत से बनने वाले इस मॉल में प्रदेश की पारंपरिक कलाओं और हर जिले के खास उत्पादों (ODOP) को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बाजार मिलेगा।

बुनकर आवास: आवासहीन बुनकरों के लिए वर्कशेड-सह-आवास योजना हेतु ₹4.90 करोड़ का प्रावधान किया गया है।माटीकला: कुम्हारों के उत्पादों को आधुनिक बनाने के लिए जशपुर के कुनकुरी में नई ग्लेजिंग यूनिट स्थापित की जाएगी।

महिला सशक्तिकरण और अतिरिक्त आयहाथकरघा प्रभाग के माध्यम से 1921 महिला स्व-सहायता समूहों की लगभग 23 हजार महिलाओं को स्कूल गणवेश सिलाई के कार्य से अतिरिक्त रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। मंत्री यादव ने विश्वास जताया कि यह बजट विकसित भारत की संकल्पना के अनुरूप ‘वोकल फॉर लोकल’ को चरितार्थ करेगा।

Related Articles

Back to top button