ChhattisgarhStateNewsछत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल का बदला नाम: अब कहलाएगा ‘गृह एवं अधोसंरचना विकास मंडल’; सीएम साय बोले- इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगी नई गति

रायपुर। छत्तीसगढ़ में शहरी विकास और आवास क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव की तैयारी पूरी हो गई है। विधानसभा में ‘छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल (संशोधन) विधेयक 2026’ को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।

इस कानून के लागू होने के साथ ही अब मंडल का नाम बदलकर ‘छत्तीसगढ़ गृह एवं अधोसंरचना विकास मंडल’ कर दिया गया है।

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने सदन में विधेयक पेश करते हुए बताया कि मंडल की भूमिका को अब केवल मकान बनाने तक सीमित नहीं रखा जाएगा। इसे एक आधुनिक और बहुआयामी इंफ्रास्ट्रक्चर एजेंसी के रूप में विकसित किया जा रहा है।

  • शहरी कॉरिडोर: रायपुर, नवा रायपुर, भिलाई-दुर्ग और राजनांदगांव को जोड़कर एक बड़ा ‘अर्बन कॉरिडोर’ विकसित किया जाएगा, जिसमें इस मंडल की भूमिका सबसे अहम होगी।
  • ऋणमुक्त संस्था: राज्य सरकार ने 735 करोड़ रुपये का कर्ज चुकाकर मंडल को पूरी तरह कर्ज से मुक्त कर दिया है, जिससे अब यह नए प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम कर सकेगा।

3,050 करोड़ के प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू

मंत्री चौधरी ने मंडल की उपलब्धियों का ब्यौरा देते हुए बताया:

  • पिछले दो वर्षों में 3,050 करोड़ रुपये की लागत से 78 नई परियोजनाएं शुरू की गई हैं।
  • PMAY 2.0 के तहत 2,000 किफायती (EWS) आवासों के निर्माण को मंजूरी मिली है।
  • 146 विकासखंडों में 858 करोड़ रुपये की लागत से शासकीय आवास बनाए जा रहे हैं।
  • 6 रिडेवलपमेंट परियोजनाओं की डीपीआर (DPR) तैयार हो चुकी है, जिसकी लागत 650 करोड़ रुपये से अधिक है।

रजिस्ट्री के साथ ही मिलेगा कब्जा

प्रक्रियात्मक सुधारों के तहत अब पारदर्शिता पर जोर दिया जा रहा है। अब आवंटियों को रजिस्ट्री के साथ ही मकान का भौतिक कब्जा सुनिश्चित किया जा रहा है। वर्तमान में मंडल प्रदेश के 27 जिलों में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है।

Related Articles

Back to top button