श्रमिक परिवार की बेटी अंकिता को मिली 20 हजार की मदद, शिक्षा का सपना अब होगा पूरा

रायपुर। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद यदि आगे बढ़ने का हौसला और शासन की योजनाओं का सहारा मिल जाए तो शिक्षा के सपनों को नई उड़ान मिल सकती है।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के नगर पालिका परिषद गौरेला के वार्ड-15 की निवासी अंकिता रोहणी की कहानी इसकी मिसाल है। निर्माण श्रमिक परिवार की बेटी अंकिता पढ़ाई पूरी कर आत्मनिर्भर बनने का सपना देख रही हैं।
मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के तहत मिली 20 हजार रुपए की आर्थिक सहायता ने उनके इस सपने को मजबूती दी है।
अंकिता के पिता रवि रोहणी निर्माण श्रमिक हैं और श्रम विभाग में पंजीकृत हैं। सीमित आमदनी में परिवार की जरूरतों के साथ बेटी की पढ़ाई का खर्च उठाना चुनौतीपूर्ण था। इसके बावजूद परिवार ने आर्थिक स्थिति को अंकिता की शिक्षा में बाधा नहीं बनने दिया।
इसी दौरान उन्हें श्रमिक परिवारों की बेटियों के लिए संचालित नोनी सशक्तिकरण योजना की जानकारी मिली। पात्रता और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंकिता को 20 हजार रुपए की सहायता मिली। अब वह इस राशि का उपयोग पढ़ाई से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में कर रही हैं। इससे परिवार पर आर्थिक दबाव कम हुआ है और अंकिता भी अधिक आत्मविश्वास के साथ पढ़ाई जारी रख पा रही हैं।
आत्मनिर्भर बनना चाहती हैं अंकिता
अंकिता का कहना है कि शासन से मिली सहायता उनके लिए सिर्फ आर्थिक मदद नहीं, बल्कि अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने का अवसर है। वह शिक्षा पूरी कर अपने पैरों पर खड़ा होना चाहती हैं और भविष्य में परिवार का सहारा बनना चाहती हैं।
नोनी सशक्तिकरण योजना के माध्यम से श्रमिक परिवारों की बेटियों को आर्थिक संबल दिया जा रहा है। अंकिता ने सहायता के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि इससे उनके शिक्षा के सपने को नई मजबूती मिली है।



