अमित शाह का 62वां जन्मदिन: बूथ स्तर पर काम करने से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय गृह मंत्री तक पहुंचे

दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 22 अक्टूबर को अपना 62वां जन्मदिन मना रहे हैं।
चुनावी रणनीति, संगठन पर मजबूत पकड़ और बड़े राजनीतिक फैसलों के लिए पहचाने जाने वाले शाह को भाजपा का ‘चाणक्य’ भी कहा जाता है। उनका राजनीतिक सफर किशोरावस्था में चुनाव प्रचार के लिए पोस्टर लगाने से शुरू होकर देश के गृह मंत्री बनने तक पहुंचा है।
सरदार पटेल की बेटी के लिए किया प्रचार
अमित शाह का जन्म 22 अक्टूबर 1964 को मुंबई में हुआ था। उनका बचपन गुजरात के मानसा में बीता। साल 1977 में आपातकाल के बाद हुए लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल की बेटी मणिबेन पटेल के प्रचार में हिस्सा लिया था। उस समय वह गलियों में पोस्टर और स्टिकर लगाते थे। यही अनुभव उनके शुरुआती राजनीतिक सफर का हिस्सा बना।
RSS से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष तक
अमित शाह 1980 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े। इसके बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) में सक्रिय हुए। संगठन के जमीनी स्तर पर काम करते हुए उन्होंने चुनाव प्रबंधन और कार्यकर्ताओं के नेटवर्क को मजबूत करने का अनुभव हासिल किया। नरेंद्र मोदी के साथ काम करते हुए गुजरात की राजनीति में उनकी भूमिका बढ़ती गई।
2014 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में भाजपा की बड़ी जीत के बाद 9 जुलाई 2014 को उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया। उनके नेतृत्व में भाजपा ने संगठन विस्तार और सदस्यता अभियान पर जोर दिया।
गृह मंत्री के रूप में अहम फैसले
2019 में नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में अमित शाह केंद्रीय गृह मंत्री बने। उनके कार्यकाल में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रावधान हटाने, नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और आंतरिक सुरक्षा से जुड़े फैसले राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा के केंद्र में रहे। नक्सलवाद के खिलाफ अभियान भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहा।
राजनीति के अलावा अमित शाह को शतरंज, क्रिकेट, इतिहास की किताबों और गजलों में रुचि है। बूथ स्तर पर काम करने से लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय तक पहुंचने का उनका सफर भारतीय राजनीति में उनकी संगठनात्मक भूमिका और प्रभाव को दर्शाता है।



