रायपुर। भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) में कथित लोहा चोरी के मामले ने नया राजनीतिक मोड़ ले लिया है। वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने दावा किया है कि बीएसपी से पिछले 40 वर्षों से संगठित तरीके से लोहा चोरी हो रही थी और इससे मिले पैसों का इस्तेमाल भाजपा प्रत्याशियों को चुनाव में हराने के लिए किया जाता था। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग करते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय, मुख्यमंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को पत्र भेजा है।
बीएसपी के मुख्य द्वार के सामने जारी एक वीडियो संदेश में विधायक ने कहा कि यह केवल एक औद्योगिक इकाई का मामला नहीं, बल्कि राष्ट्रीय संपत्ति की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि अभी तक केवल छोटे आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है, जबकि असली मास्टरमाइंड और कथित संरक्षक अब भी जांच के दायरे से बाहर हैं। विधायक का दावा है कि बीएसपी के कुछ अधिकारियों के अनुसार पिछले चार दशकों में 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का लोहा चोरी हुआ है।
रिकेश सेन ने कहा कि वह विधानसभा में नियम-117 के तहत अशासकीय संकल्प भी लाएंगे, ताकि केंद्र सरकार से इस पूरे मामले की विस्तृत जांच कराई जा सके। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्रालय, सीबीआई, ईडी और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) से भी शिकायत करने की बात कही है। उनका कहना है कि राष्ट्रीय संपत्ति की चोरी की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच जरूरी है।
विधायक ने दावा किया कि अगले 15 से 20 दिनों में वह नामजद शिकायत भी दर्ज कराएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में कुछ वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
गौरतलब है कि 26 मई को पुलिस ने अकलोरडीह और हथखोज क्षेत्र में कार्रवाई कर बीएसपी से कथित रूप से चोरी किया गया करीब 250 टन लोहा और स्क्रैप जब्त किया था। मामले में अब तक 13 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और करीब 3.22 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है।
