डिजिटल सुशासन और शासकीय खरीद में पारदर्शिता की ओर सशक्त कदम

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने डिजिटल सुशासन को सुदृढ़ करने और सरकारी निविदाओं में पारदर्शिता लाने की दिशा में एक बड़ी पहल की है।
राजधानी रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में इलेक्ट्रॉनिक प्रोक्योरमेंट सिस्टम (GePNIC) पर दो दिवसीय राज्यस्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ हुआ।
चिप्स (CHiPS) और एन.आई.सी. (NIC) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य राज्य के विभागों को नई और आधुनिक खरीद प्रणाली से लैस करना है।
जेपनिक (GePNIC) की ओर माइग्रेशन
कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रभात मलिक ने बताया कि राज्य की वर्तमान ई-खरीद प्रणाली लगभग दस वर्षों से कार्यरत है। अब समय की मांग को देखते हुए एन.आई.सी. द्वारा विकसित नवीन ‘जेपनिक प्रोक्योरमेंट सिस्टम’ की ओर माइग्रेशन किया जा रहा है, जो डिजिटल सुशासन के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम साबित होगा।
पारदर्शिता और दक्षता का वैश्विक मानक
एन.आई.सी. नई दिल्ली की उप-महासंचालक उषा सक्सेना ने कार्यशाला में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की डिजिटल नीति के अनुरूप निविदा प्रक्रिया में पारदर्शिता, दक्षता और समानता अनिवार्य है।
उन्होंने बताया इस प्रणाली के माध्यम से प्रतिदिन 5-6 हजार निविदाएं सफलतापूर्वक संचालित की जा रही हैं। देश के 31 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश इस केंद्रीय प्रणाली से जुड़े हुए हैं। यह सिस्टम कस्टमाइजेबल है और सुरक्षा के अत्याधुनिक फीचर्स से लैस है।
प्रशिक्षण और केस स्टडी
दो दिनों तक चलने वाले इस सत्र में 50 से अधिक विभागों के 130 नोडल अधिकारियों को डिजिटल सिग्नेचर (DSC), ई-ऑक्शन, टेंडर प्रिपरेशन और प्राइस बिड जैसे तकनीकी पहलुओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
साथ ही, इंडियन ऑयल और मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस जैसी संस्थाओं की केस स्टडी के माध्यम से ‘बेस्ट प्रैक्टिस’ साझा की जाएंगी। कार्यक्रम में राज्य सूचना विज्ञान अधिकारी टी. एन. सिंह, संयुक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनुपम आशीष टोप्पो सहित जल संसाधन, पर्यटन और लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।





