रायपुर। छत्तीसगढ़ की विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय की महिलाएं अब सरकारी योजनाओं और अपनी मेहनत के दम पर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं। सरगुजा जिले के धौरपुर क्षेत्र की रहने वाली शाम कुमारी की सफलता की कहानी अब दूसरे युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन और जिला प्रशासन की पहल पर शाम कुमारी को स्वास्थ्य विभाग में रोजगार मिला है। इससे अब वे अपनी उच्च शिक्षा का सपना खुद के दम पर पूरा कर रही हैं।
सरगुजा जिले के विकासखंड लुंड्रा के ग्राम पंचायत चिरमुण्डा निवासी शाम कुमारी वर्तमान में B.Sc अंतिम वर्ष की छात्रा हैं। शिक्षा के प्रति उनके जज्बे और आर्थिक जरूरत को देखते हुए उन्हें शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नवापारा में वार्ड आया के पद पर नियुक्त किया गया है।
शाम कुमारी ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उच्च शिक्षा हासिल करना उनके लिए बड़ी चुनौती थी, लेकिन अब नौकरी मिलने से राह आसान हो गई है। उन्होंने कहा, “अब मैं अपनी पढ़ाई का खर्च खुद उठा सकती हूं और परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने में मदद कर सकती हूं।”
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार विशेष पिछड़ी जनजाति समूहों के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार काम कर रही है। जिला प्रशासन की पहल पर DMF मद से शिक्षित पहाड़ी कोरवा युवक-युवतियों को स्वास्थ्य विभाग में 30 पदों पर वार्ड बॉय और वार्ड आया के रूप में नियुक्त किया गया है।
शाम कुमारी ने इस अवसर के लिए मुख्यमंत्री और सरगुजा जिला प्रशासन का आभार जताया। उनका चयन न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह क्षेत्र के अन्य पहाड़ी कोरवा छात्र-छात्राओं के लिए भी संदेश है कि सरकारी योजनाओं और मजबूत इच्छाशक्ति से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
