बाघ 18 से बढ़कर 35, तेंदूपत्ता से 757 करोड़ का भुगतान: वन मंत्री ने गिनाईं छत्तीसगढ़ की उपलब्धियां

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार वन संरक्षण को केवल जंगल बचाने तक सीमित नहीं रख रही, बल्कि इसे वनवासियों की समृद्धि, रोजगार, महिला सशक्तीकरण और वन्यजीव संरक्षण से जोड़कर आगे बढ़ा रही है।
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ संवाद के ऑडिटोरियम में विभागीय गतिविधियों और उपलब्धियों की जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार ‘हरित छत्तीसगढ़, समृद्ध छत्तीसगढ़’ के संकल्प के साथ काम कर रही है।
किसानों को पौधरोपण से आमदनी
किसान वृक्षारोपण योजना के तहत पात्र किसानों को 5 एकड़ तक 100% और इससे अधिक भूमि पर 50% वित्तीय अनुदान दिया जा रहा है। पिछले दो वर्षों में 36,896 हितग्राहियों की 62,441 एकड़ कृषि भूमि पर 3.67 करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए हैं।
तेंदूपत्ता संग्राहकों को 757 करोड़ का भुगतान
मंत्री ने बताया कि 2025 में 11.44 लाख परिवारों ने 13.85 लाख मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहण किया। इसके एवज में 757 करोड़ रुपए का ऑनलाइन भुगतान किया गया। 7.14 लाख संग्राहकों को 153 करोड़ रुपए प्रोत्साहन पारिश्रमिक दिया गया। वहीं 12.40 लाख महिला संग्राहकों को चरण पादुका वितरित की गई है।
बस्तर में रोजगार की नई संभावनाएं
माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होने के बाद वन विभाग ने संवेदनशील इलाकों में वानिकी और विदोहन कार्य शुरू किए हैं। दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव और कांकेर में इन गतिविधियों से करीब 21.67 लाख मानव दिवस रोजगार सृजित होने का अनुमान है।
वन्यजीव संरक्षण में उपलब्धियां
छत्तीसगढ़ में बाघों की संख्या 2022 में 18 से बढ़कर 2026 में 35 हो गई है। वहीं बारनवापारा में कृष्णमृगों की संख्या 77 से बढ़कर 200 से अधिक पहुंच गई है। मानव-हाथी संघर्ष कम करने के लिए ‘गज संकेत’ ऐप और ‘गजरथ यात्रा’ जैसी पहल शुरू की गई है।
मंत्री ने बताया कि कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान को 2025 में यूनेस्को की अस्थायी सूची में शामिल किया गया। राज्य का पहला रामसर साइट कोपरा जलाशय, बिलासपुर घोषित हुआ है। वन विभाग में भुगतान प्रक्रिया को भी पूरी तरह डिजिटल किया गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1,520 करोड़ रुपए से अधिक का ऑनलाइन भुगतान किया गया।





