पीएम सूर्य घर योजना से ऊर्जा आत्मनिर्भर बन रहा छत्तीसगढ़: राजनांदगांव टॉप-5 जिलों में शामिल

4,120 घरों में लगे रूफटॉप सोलर, 1,155 परिवारों का बिजली बिल हुआ जीरो; गांव-गांव में लग रही ‘पीएम सूर्य सभा’
रायपुर। प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना के जरिए छत्तीसगढ़ में स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा को बढ़ावा मिल रहा है। राजनांदगांव जिला इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के कारण प्रदेश में पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। जिले में हजारों परिवार अब सौर ऊर्जा से बिजली तैयार कर न केवल अपने खर्च में बचत कर रहे हैं, बल्कि ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में भी कदम बढ़ा रहे हैं।
जिले में अब तक योजना के तहत 8,256 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 4,120 घरों में रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। बाकी आवेदनों में दस्तावेज सत्यापन और संयंत्र स्थापना की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। अब तक 3,205 हितग्राहियों को सरकारी सब्सिडी का लाभ मिल चुका है।
योजना का सबसे बड़ा असर बिजली बिल पर देखने को मिला है। जिले के 1,155 परिवारों का बिजली बिल पूरी तरह शून्य हो गया है। कई उपभोक्ता अपनी जरूरत से अधिक बिजली का उत्पादन कर उसे ग्रिड में भेज रहे हैं, जिससे उन्हें अतिरिक्त आर्थिक लाभ भी मिल रहा है।
योजना का लाभ हर पात्र परिवार तक पहुंचाने के लिए जिले की सभी जनपद पंचायतों की ग्राम पंचायतों में नियमित रूप से ‘पीएम सूर्य सभा’ आयोजित की जा रही है। इन सभाओं में लोगों को आवेदन प्रक्रिया, पात्रता, जरूरी दस्तावेज, सब्सिडी और सोलर संयंत्र लगाने की पूरी जानकारी दी जा रही है। मौके पर ही पात्र हितग्राहियों के आवेदन भी स्वीकार किए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना का उद्देश्य घरेलू बिजली खर्च कम करना, स्वच्छ और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देना तथा कार्बन उत्सर्जन में कमी लाना है। राजनांदगांव की उपलब्धियां दिखाती हैं कि जनजागरूकता और समयबद्ध क्रियान्वयन के दम पर यह योजना ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में ऊर्जा क्रांति की मजबूत नींव बन रही है।





