झापरा सुशासन शिविर में मौके पर बांटे गए 35 प्रमाण पत्र: किसानों का एग्रीस्टैक पंजीयन भी हुआ

सुकमा। सुकमा जिले के ग्राम पंचायत झापरा में सुशासन तिहार के तहत आयोजित सुशासन शिविर में ग्रामीणों को विभिन्न शासकीय सेवाओं का लाभ मौके पर ही दिया गया। शिविर में पहुंचे लोगों की समस्याएं सुनकर कई मामलों का तत्काल निराकरण किया गया। साथ ही पात्र हितग्राहियों को 35 से ज्यादा प्रमाण पत्र और राजस्व संबंधी दस्तावेज वितरित किए गए।
कलेक्टर अमित कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और योजनाओं की जानकारी दी। शिविर में शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, आवेदन प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों के बारे में भी लोगों को जागरूक किया गया।
सुकमा तहसीलदार गिरीश निम्बालकर, सरपंच मुन्नी मड़कामी और उपसरपंच प्रवीण बारसे की मौजूदगी में हितग्राहियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। शिविर में 8 जाति प्रमाण पत्र, 12 निवास प्रमाण पत्र, 8 किसान किताब और 2 नामांतरण आदेश दिए गए। इससे विद्यार्थियों, किसानों और ग्रामीणों को काफी राहत मिली।
शिविर की खास उपलब्धि किसानों को डिजिटल सेवाओं से जोड़ना भी रही। यहां 5 किसानों का एग्रीस्टैक पंजीयन किया गया। प्रशासन का कहना है कि इससे किसानों को भविष्य में डिजिटल कृषि सेवाओं और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में आसानी होगी।
ग्रामीणों ने शिविर में एक ही जगह पर कई सेवाएं मिलने और त्वरित समाधान पर संतोष जताया। उनका कहना था कि पहले छोटे-छोटे कामों के लिए कई बार दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब गांव में ही काम हो रहे हैं, जिससे समय और पैसे दोनों की बचत हो रही है।
प्रशासन के मुताबिक, सुशासन तिहार के तहत लगाए जा रहे शिविरों का उद्देश्य शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और ग्रामीण समस्याओं का मौके पर समाधान करना है।





