सड़क निर्माण में देरी और खराब गुणवत्ता पर होगी कार्रवाई: उप मुख्यमंत्री अरुण साव

रायपुर। उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को सड़कों और पुल-पुलियों के निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। गुरुवार को नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि प्रशासकीय स्वीकृति मिलते ही तकनीकी स्वीकृति और टेंडर प्रक्रिया तेजी से पूरी कर तत्काल काम शुरू किया जाए।
बैठक में विभाग के मुख्य अभियंताओं और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में अरुण साव ने विभागीय कार्यशैली पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि मुख्य अभियंता कार्यालयों को कॉर्पोरेट दफ्तरों की तरह पूरी क्षमता और दक्षता से काम करना होगा। फील्ड से लेकर कार्यालय तक जवाबदेही और कार्य संस्कृति में सुधार जरूरी है।
उप मुख्यमंत्री ने परफॉर्मेंस गारंटी के तहत बनी सड़कों की खराब स्थिति पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि ऐसी सड़कें खराब मिलने पर संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन सड़कों में गड़बड़ी है, उनकी तत्काल ठेकेदारों से मरम्मत कराई जाए ताकि आम लोगों को परेशानी न हो।
अरुण साव ने सभी मुख्य अभियंताओं को प्राथमिकता वाले कार्यों की खुद मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी हर सप्ताह फील्ड में जाकर सड़क निर्माण कार्यों का निरीक्षण करें और प्रगति की समीक्षा करें। नई सड़कों और चौड़ीकरण परियोजनाओं के लिए भू-अर्जन की प्रक्रिया तेज करने के लिए कलेक्टरों से समन्वय बनाने को भी कहा गया।
बैठक में सड़क सुरक्षा मानकों का पालन, ब्लैक स्पॉट खत्म करने और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय तक अधूरे पड़े निर्माण कार्य विभाग की छवि खराब करते हैं, इसलिए सभी प्रोजेक्ट तय समय-सीमा में पूरे किए जाएं। बैठक में प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी, अपर सचिव एस.एन. श्रीवास्तव सहित विभाग के सभी मुख्य अभियंता मौजूद रहे।





