भारत में आतंकी घटनाओं में 43% की कमी, पाकिस्तान आतंकवाद प्रभावित देशों में टॉप पर

दिल्ली। भारत के लिए सुरक्षा के मोर्चे पर एक बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आई है।
ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स (GTI) 2026 की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, भारत में आतंकी घटनाओं में 43% की भारी कमी दर्ज की गई है। इस सुधार के साथ ही भारत सूचकांक में दो पायदान नीचे खिसककर 13वें स्थान पर आ गया है, जो देश में बेहतर होती सुरक्षा स्थिति का प्रमाण है।
पाकिस्तान शीर्ष पर, अफगानिस्तान में सुधार
रिपोर्ट के चौंकाने वाले आंकड़ों के मुताबिक, पाकिस्तान अब दुनिया का सबसे अधिक आतंकवाद प्रभावित देश बन गया है। दक्षिण एशिया लगातार दसवें वर्ष आतंकवाद से सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्र बना हुआ है।
वहीं, अफगानिस्तान की स्थिति में सुधार देखा गया है और वह अब टॉप-10 देशों की सूची से बाहर हो गया है। वैश्विक स्तर पर भी आतंकी हमलों की संख्या में 22% की गिरावट आई है।
पश्चिमी देशों में बढ़ा खतरा
जहाँ भारत और कई अन्य देशों में स्थिति सुधरी है, वहीं पश्चिमी देशों में आतंकवाद से होने वाली मौतों में 280% की चिंताजनक वृद्धि हुई है। यूरोपीय संघ के 14 देशों में कुल 58 आतंकी हमले दर्ज किए गए, जिनमें फ्रांस और जर्मनी सबसे अधिक प्रभावित रहे।
आतंकवाद का नया चेहरा: ‘गेमीफिकेशन’ और ऑनलाइन भर्ती
रिपोर्ट में इस बात पर विशेष चिंता जताई गई है कि आतंकवादी संगठन अब युवाओं को कट्टरपंथी बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा ले रहे हैं:
- गेमिंग प्लेटफॉर्म: रॉबलॉक्स और फोर्टनाइट जैसे प्लेटफॉर्म्स के जरिए किशोरों का विश्वास जीता जा रहा है।
- प्रोपेगेंडा: हिंसा को ‘मजाकिया मीम्स’ में बदलकर पेश किया जाता है ताकि युवाओं के मन से डर खत्म हो जाए।
- फनल स्ट्रैटजी: सोशल मीडिया से युवाओं को चुनकर उन्हें टेलीग्राम जैसे एन्क्रिप्टेड चैट रूम में ले जाकर ब्रेनवॉश किया जाता है।
- किल काउंट स्कोरबोर्ड: डिजिटल ग्रुप्स में हत्याओं की संख्या के आधार पर स्कोरबोर्ड बनाए जाते हैं, जिससे आतंकवाद को एक ‘खेल’ की तरह पेश किया जा रहा है।
कुल मिलाकर, भारत में जमीनी स्तर पर आतंकी घटनाएं कम हुई हैं, लेकिन डिजिटल माध्यमों से फैल रहे कट्टरपंथ के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता है।





