विराट अपहरण कांड में बड़ी मां समेत 5 दोषियों की उम्रकैद बरकरार

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने चर्चित विराट अपहरण कांड में बड़ा फैसला सुनाते हुए सभी पांच दोषियों की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने आरोपियों की अपील खारिज करते हुए कहा कि मासूम बच्चों का फिरौती के लिए अपहरण समाज में डर और असुरक्षा पैदा करने वाला गंभीर अपराध है।
यह मामला वर्ष 2019 का है, जब बिलासपुर के कारोबारी विवेक सराफ के 6 वर्षीय बेटे विराट सराफ का घर के बाहर से अपहरण कर लिया गया था। घटना के दूसरे दिन अपहरणकर्ताओं ने बच्चे के पिता से 6 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी थी। पुलिस ने लगातार छह दिन तक तलाश के बाद सातवें दिन जरहाभाठा इलाके से बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया था।
जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि अपहरण की साजिश विराट की बड़ी मां नीता सराफ ने ही रची थी। पुलिस के मुताबिक भारी कर्ज में डूबी नीता ने अपने साथियों के साथ मिलकर पैसों के लालच में इस वारदात को अंजाम दिया। अपहरण के दौरान आरोपी बिना नंबर की कार में बच्चे को उठाकर ले गए और एक मकान में बंधक बनाकर रखा।
पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, फिंगरप्रिंट और वॉयस सैंपल जैसे तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया था। ट्रायल के दौरान 54 गवाहों के बयान दर्ज किए गए, जिसके बाद निचली अदालत ने सभी आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि ऐसे अपराध पीड़ित परिवार को गहरा मानसिक आघात पहुंचाते हैं और समाज में भय का माहौल बनाते हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आरोपियों को किसी भी तरह की राहत नहीं दी जा सकती और उन्हें जेल में ही सजा काटनी होगी।





