संसद में अनूठी मुलाकात: नितिन गडकरी से मिले राहुल और प्रियंका गांधी, राजस्थान के बस ऑपरेटरों की समस्याओं पर हुई चर्चा

दिल्ली। संसद परिसर में आज एक बेहद दिलचस्प और महत्वपूर्ण राजनीतिक तस्वीर सामने आई, जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की। यह बैठक किसी राजनीतिक खींचतान के लिए नहीं, बल्कि राजस्थान के बस ऑपरेटरों की समस्याओं और यात्री सुरक्षा जैसे गंभीर तकनीकी मुद्दों पर केंद्रित थी।
क्यों हुई यह अचानक मुलाकात
हाल के दिनों में स्लीपर बसों में आग लगने की बढ़ती घटनाओं के बाद केंद्र सरकार ने बस बॉडी निर्माण के लिए नए और कड़े सुरक्षा नियम जारी किए हैं। राजस्थान के बस बॉडी निर्माताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने इन नियमों से आ रही व्यावहारिक चुनौतियों को लेकर राहुल गांधी से संपर्क किया था। उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए राहुल और प्रियंका सीधे नितिन गडकरी के पास पहुँचे।
मुलाकात के मुख्य बिंदु और गडकरी का तर्क
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में नितिन गडकरी राहुल गांधी को बस निर्माण में होने वाली गंभीर खामियों के बारे में समझाते नजर आए। गडकरी ने स्पष्ट किया कि:
- कई निर्माता बसों की बॉडी इस तरह बनाते हैं कि आग लगने की स्थिति में यात्रियों के निकलने के लिए कोई रास्ता नहीं बचता।
- बस की छत पर गलत तरीके से एसी (AC) यूनिट लगाने से आपातकालीन निकास बाधित हो जाते हैं, जो जानलेवा साबित हो सकता है।
- गडकरी ने दो टूक कहा कि जनता की सुरक्षा से समझौता स्वीकार्य नहीं है और नियमों का सख्ती से पालन अनिवार्य होगा।
ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य सुझाव
मुलाकात के बाद प्रियंका गांधी ने पत्रकारों को बताया कि उन्होंने ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया में लगने वाले अधिक समय और खर्च का मुद्दा भी उठाया। गडकरी ने इन समस्याओं को जल्द हल करने का आश्वासन दिया है।
यह मुलाकात विपक्षी नेताओं द्वारा जनता की समस्याओं को सीधे संबंधित विभाग के मंत्री तक पहुँचाने और सरकार द्वारा सकारात्मक प्रतिक्रिया देने का एक सराहनीय उदाहरण पेश करती है।





