MP-UP में 7 नदियां उफान पर, 13 जिलों में बाढ़ का खतरा; हिमाचल में बारिश-भूस्खलन से 219 मौतें

दिल्ली। देश के कई राज्यों में लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित है। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सात प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। मध्य प्रदेश में नर्मदा और मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने से कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं। पूर्वी मध्य प्रदेश में तेज बारिश के कारण डिंडौरी, पन्ना समेत कई क्षेत्रों में सड़कों और पुलों पर पानी भर गया है। डिंडौरी-मंडला स्टेट हाईवे भी प्रभावित हुआ है।
उत्तर प्रदेश में भी मानसून सक्रिय है। प्रदेश के 65 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि 13 जिलों में बाढ़ जैसे हालात बताए गए हैं। 84 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हैं। गंगा, घाघरा, शारदा, टोंस, सोन और मंदाकिनी नदी का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर पहुंच गया है। चित्रकूट समेत कई इलाकों में लोगों को जलभराव और उफनते नालों के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हिमाचल में 219 लोगों की मौत
हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन में बारिश, भूस्खलन, बाढ़ और अन्य घटनाओं में अब तक 219 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें सबसे ज्यादा 131 मौतें सड़क दुर्घटनाओं में हुई हैं। मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में अगले 48 घंटे तक मानसून सक्रिय रह सकता है। इसके बाद इसकी गतिविधि कमजोर पड़ने की संभावना है।
राजस्थान में गर्मी का असर
लगातार बारिश से प्रभावित राज्यों के बीच राजस्थान के कुछ इलाकों में गर्मी भी परेशान कर रही है। गुरुवार को श्रीगंगानगर में तापमान 40.1 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया। शुक्रवार को राज्य के 15 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, छत्तीसगढ़ में भी अगले सात दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।





