घास-फूस की झोपड़ी से पक्के मकान तक, रोन्हू के परिवार को मिली सुरक्षित छत

प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना से 2 लाख रुपए की मदद; बारिश में टपकती थी छत, आंधी-तूफान में सताता था घर टूटने का डर
रायपुर। बारिश शुरू होते ही घास-फूस की छत से टपकता पानी, तेज आंधी में झोपड़ी के क्षतिग्रस्त होने का डर और ठंड में परिवार की सुरक्षा की चिंता… सरगुजा जिले के रोन्हू के लिए कभी यही रोजमर्रा की हकीकत थी।
अब कच्ची झोपड़ी की जगह पक्के मकान ने ले ली है। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना (ग्रामीण) के तहत मिले आवास ने उनके परिवार को मौसम की परेशानियों से राहत देने के साथ सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन का आधार दिया है।
लुण्ड्रा जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत ससौली निवासी विशेष पिछड़ी जनजातीय समूह के रोन्हू, पिता सोनसाय को वर्ष 2023-24 में आवास निर्माण के लिए योजना के तहत 2 लाख रुपए की राशि स्वीकृत हुई थी। इस सहायता से बने पक्के मकान में अब परिवार अधिक सुरक्षित और निश्चिंत होकर रह रहा है।
बारिश में टपकती थी छत, आंधी में रहता था डर
पक्का मकान बनने से पहले रोन्हू का परिवार कच्ची दीवारों और घास-फूस की छत वाली झोपड़ी में रहता था। बारिश के दौरान छत से पानी टपकने लगता था। तेज हवा और आंधी में झोपड़ी के क्षतिग्रस्त होने का खतरा बना रहता था। ठंड के मौसम में भी परिवार को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
कच्चे मकान में कीड़े-मकौड़ों का खतरा भी रहता था। झोपड़ी की मरम्मत और छत के लिए घास-फूस बदलने में समय और पैसा खर्च होता था।
पक्के घर के साथ मिलीं बुनियादी सुविधाएं
नए आवास ने परिवार को मजबूत छत के साथ बेहतर रहन-सहन का वातावरण दिया है। घर में बिजली, स्वच्छ पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता से जीवन आसान हुआ है। अब बारिश, तेज हवा या ठंड के दौरान परिवार को घर की सुरक्षा की पहले जैसी चिंता नहीं रहती।
रोन्हू के लिए पक्का मकान सिर्फ एक घर नहीं, बल्कि वर्षों की असुरक्षा से मिली राहत है। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के जरिए मिली यह सुविधा उनके परिवार के लिए सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य की नई उम्मीद बन गई है।





