स्कूल भवन की मांग को लेकर चौथे दिन भी धरने पर डटे ग्रामीण, 15 अगस्त के कार्यक्रम के बहिष्कार का ऐलान

गरियाबंद। स्कूल भवन की मांग को लेकर ग्रामीणों का आंदोलन लगातार चौथे दिन भी जारी है। क्षेत्र में हो रही भारी बारिश के बावजूद ग्रामीण धरना स्थल पर डटे हुए हैं। उनका कहना है कि जब तक स्कूल भवन निर्माण को लेकर कोई ठोस फैसला नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।
ग्रामीणों के आंदोलन का असर अब स्कूल की पढ़ाई पर भी साफ दिखाई देने लगा है। जानकारी के मुताबिक, संबंधित स्कूल में पहली से बारहवीं कक्षा तक करीब 300 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, लेकिन पिछले तीन दिनों से एक भी छात्र स्कूल नहीं पहुंचा है। इसके चलते स्कूल में शैक्षणिक गतिविधियां पूरी तरह प्रभावित हो गई हैं।
हालांकि, शिक्षक नियमित रूप से स्कूल पहुंच रहे हैं, लेकिन विद्यार्थियों की अनुपस्थिति के कारण उन्हें खाली बैठना पड़ रहा है। लगातार चौथे दिन भी स्कूल परिसर में सन्नाटा पसरा रहा। ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से स्कूल भवन की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया है।
इसी बीच क्षेत्रीय विधायक जनक ध्रुव भी स्कूल पहुंचे और उन्होंने आंदोलनरत ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। विधायक करीब दो घंटे तक धरना स्थल पर मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि जनता की हर लड़ाई में वे उनके साथ खड़े रहेंगे।
विधायक ने ग्रामीणों की मांग को जायज बताते हुए शिक्षा विभाग के अधिकारियों से चर्चा कर जल्द समाधान निकालने का भरोसा दिलाया। हालांकि, अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस घोषणा नहीं की गई है।
वहीं, स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम को लेकर भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीणों ने 15 अगस्त के सरकारी कार्यक्रम में शामिल नहीं होने का फैसला किया है। पालकों और बच्चों का कहना है कि वे स्कूल परिसर के बाहर ही ध्वजारोहण करेंगे। ऐसे में अब सभी की नजर शासन और शिक्षा विभाग के अगले कदम पर टिकी हुई है।





