दृष्टिबाधित छात्रों के लिए 11 हजार ऑडियो बुक्स तैयार होंगी: राज्यपाल बोले- शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए अभी बहुत कुछ करना बाकी; टीम को किया सम्मानित

रायपुर। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए राज्य में अभी और प्रयास करने की जरूरत है। उन्हें गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री आसानी से उपलब्ध कराना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। तकनीक के जरिए दृष्टिबाधित विद्यार्थियों तक शिक्षा पहुंचाने के लिए वर्ल्ड ऑडियो बुक टीम छत्तीसगढ़ का प्रयास सराहनीय और अनुकरणीय है।
राज्यपाल ने मंगलवार को लोक भवन में वर्ल्ड ऑडियो बुक टीम के सदस्यों से सौजन्य भेंट की। इस दौरान उन्होंने टीम के सभी सदस्यों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। टीम की उपलब्धि गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज होने पर राज्यपाल ने सदस्यों को बधाई और शुभकामनाएं दीं।
1,800 से ज्यादा ऑडियो बुक्स तैयार कर चुकीं शारदा
वर्ल्ड ऑडियो बुक टीम दृष्टिबाधित और सामान्य विद्यार्थियों के लिए 11 हजार से अधिक ऑडियो बुक्स तैयार करने की दिशा में काम कर रही है। अभियान की शुरुआत 5 अक्टूबर 2024 को राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिका के. शारदा के नेतृत्व में हुई थी। शारदा खुद अब तक 1,800 से ज्यादा ऑडियो बुक्स तैयार कर चुकी हैं।
उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों के 30 शिक्षक-शिक्षिकाएं अपने नियमित शैक्षणिक दायित्वों के साथ इस अभियान में योगदान दे रहे हैं।
शिक्षा के समान अवसर देने पर जोर
राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचना चाहिए। ऑडियो के माध्यम से अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने से दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनने और समान अवसर हासिल करने में मदद मिलेगी। उन्होंने ऐसे प्रयासों को और व्यापक स्तर पर ले जाने की जरूरत बताई।
चैनल को 8 लाख से ज्यादा बार देखा गया
वर्ल्ड ऑडियो बुक चैनल पर 107 से अधिक प्लेलिस्ट उपलब्ध हैं और इसे अब तक 8 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है। टीम पाठ्यक्रम आधारित और उपयोगी अध्ययन सामग्री तैयार कर रही है।
इस अवसर पर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की छत्तीसगढ़ हेड डॉ. सोनल राजेश शर्मा सहित वर्ल्ड ऑडियो बुक टीम के सदस्य मौजूद रहे।





