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महिला किसान ने 2 महीने में कमाए 15 हजार: स्पान संवर्धन योजना से तैयार कीं मत्स्य अंगुलिकाएं, अब उत्पादन बढ़ाएंगी

सरकारी योजना से मिले 25 हजार स्पॉन और जरूरी संसाधन; तालाब में 50 किलो अंगुलिकाएं बिक्री के लिए तैयार

बस्तर। बस्तर के ग्राम सिवनी की महिला किसान मनकी बघेल ने मछली पालन में नई मिसाल कायम की है। छत्तीसगढ़ शासन की स्पान संवर्धन योजना का लाभ लेकर उन्होंने महज दो महीने में 15 हजार रुपए की अतिरिक्त आय अर्जित की है। अब परिवार ने अंगुलिका उत्पादन को बढ़ाकर मत्स्य पालन से आमदनी बढ़ाने का फैसला किया है।

मत्स्य पालन विभाग की इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण मछली बीज का उत्पादन बढ़ाना है। योजना के तहत किसानों को मछली स्पॉन और नर्सरी जाल नि:शुल्क उपलब्ध कराने के साथ तालाब तैयार करने, स्पॉन संचयन, नर्सरी प्रबंधन और पानी की गुणवत्ता बनाए रखने का प्रशिक्षण दिया जाता है।

मनकी बघेल को मई में विभाग की ओर से मिश्रित प्रजाति के करीब 25 हजार स्पॉन दिए गए थे। साथ ही तालाब की उर्वरता बढ़ाने के लिए खाद और आहार के रूप में खल्ली भी उपलब्ध कराई गई। मनकी ने परिवार के एक एकड़ क्षेत्र में फैले दो तालाबों में स्पॉन का संवर्धन किया। नियमित आहार, देखभाल और जाल से निगरानी के बाद अच्छी गुणवत्ता की मत्स्य अंगुलिकाएं तैयार हुईं।

तैयार मछली बीज को बाजार तक पहुंचाने के लिए विभाग ने ऑक्सीजन सिलेंडर, पॉलीथिन बैग, बोरी और जाल भी नि:शुल्क उपलब्ध कराए। परिवार के मुताबिक अब तक करीब 30 किलो अंगुलिकाएं 500 रुपए प्रति किलो की दर से बेचकर 15 हजार रुपए की आय हुई है। तालाब में करीब 50 किलो अंगुलिकाएं और बिक्री के लिए तैयार हैं।

बघेल परिवार खेती के साथ मछली पालन भी करता है। परिवार 7 एकड़ में खरीफ में धान और रबी सीजन में नदी किनारे 2 एकड़ में मक्का व सब्जियों की खेती करता है। योजना से मिली सफलता के बाद अगले साल अंगुलिका उत्पादन का विस्तार करने की तैयारी है।

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