कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में शादीशुदा महिला की संदिग्ध मौत के बाद दफनाए गए शव को कब्र से बाहर निकाला गया। मायके पक्ष ने पति और ससुराल वालों पर दहेज के लिए हत्या करने का आरोप लगाया है।
प्रशासन की अनुमति के बाद दफनाने के चौथे दिन शुक्रवार को पुलिस, तहसील प्रशासन और फॉरेंसिक टीम की मौजूदगी में शव निकाला गया।
मामला उरगा थाना क्षेत्र के भलपहरी गांव का है। गिधौरी निवासी विनीता पाटले की शादी करीब 8 साल पहले मुकेश पाटले से हुई थी। दोनों के दो बच्चे हैं। परिवार के मुताबिक, 18 मई को विनीता की अचानक तबीयत बिगड़ी थी।
पेट दर्द की शिकायत पर पहले जिला अस्पताल और फिर निजी अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने रायपुर रेफर किया, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। इसके बाद 19 मई को दोनों पक्षों की मौजूदगी में शव दफना दिया गया था।
मौत के चार दिन बाद मायके वालों को घटना पर शक हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि विनीता को लंबे समय से दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था। पति आए दिन मारपीट करता था और कई बार घर से निकाल चुका था।
परिजनों का दावा है कि शव को नहलाने के दौरान शरीर पर चोट के निशान मिले थे, जबकि नाक और मुंह से खून भी निकला था।
मृतिका की बड़ी मां कौशिल्या ने आरोप लगाया कि कुछ समय पहले विनीता को फांसी लगाकर मारने की कोशिश भी की गई थी। वहीं परिजनों ने कहा कि मौत से दो दिन पहले तक विनीता पूरी तरह स्वस्थ थी और एक शादी समारोह में डांस भी कर रही थी।
उधर, ससुराल पक्ष ने सभी आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि विनीता की मौत बीमारी, पीलिया और खून की कमी के कारण हुई।
उरगा थाना प्रभारी नवीन पटेल ने बताया कि पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक जांच कराई गई है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
