रायपुर। रायपुर में उप मुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव ने शनिवार को जल जीवन मिशन और प्रदेश की पेयजल व्यवस्था की समीक्षा की। मंत्रालय में आयोजित बैठक में उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं को तय समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए और साफ कहा कि लापरवाही तथा लेट-लतीफी पर जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में जल जीवन मिशन 2.0 के तहत अगले दो वर्षों का रोडमैप प्रस्तुत किया गया। अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2026-27 में 13 हजार 183 और 2027-28 में 7352 योजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही समूह जल प्रदाय योजनाओं के कार्य भी चरणबद्ध तरीके से पूरे किए जाएंगे।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि प्रदेश में अब तक 7060 गांव ‘हर घर जल’ रिपोर्टेड हो चुके हैं, जिनमें से 6018 गांवों का सत्यापन भी किया जा चुका है। वहीं 8555 एकल ग्राम नल-जल योजनाओं को पूरा कर संचालन और संधारण के लिए ग्राम पंचायतों को सौंप दिया गया है।
उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन गांवों में जल जीवन मिशन के काम पूरे हो चुके हैं, वहां हर घर जल का सत्यापन कर योजनाओं का संचालन पंचायतों के माध्यम से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि गांवों और दूरस्थ वनांचलों में भी स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
बैठक में ग्रीष्मकालीन पेयजल संकट की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि 19 हजार 807 खराब हैंडपंपों की मरम्मत की गई है। साथ ही 31 हजार 664 मीटर राइजर पाइप बदले गए और 20 हजार 788 मीटर पाइप बढ़ाकर जलापूर्ति दुरुस्त की गई है।
श्री साव ने बारिश के पानी के संरक्षण, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और जल स्रोतों के संवर्धन पर भी जोर दिया। बैठक में विभागीय सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुलहक, प्रमुख अभियंता के.के. मरकाम सहित सभी जिलों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से शामिल हुए।
