मुरैना। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में रविवार को एक दर्दनाक रेल हादसा सामने आया। खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में आग लगने की अफवाह के बाद मची अफरा-तफरी में यात्रियों ने चेन पुलिंग कर ट्रेन रोक दी।
इसके बाद कई यात्री घबराकर ट्रेन से नीचे उतर गए और दूसरी पटरी पर पहुंच गए। इसी दौरान वहां से गुजर रही पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आने से चार यात्रियों की मौत हो गई। मृतकों में एक चार साल का मासूम बच्चा भी शामिल है।
हादसा मुरैना और राजस्थान के धौलपुर रेलवे स्टेशन के बीच हेतमपुर के पास हुआ। जानकारी के अनुसार इंटरसिटी एक्सप्रेस में करीब 120 यात्री सवार थे। एक यात्री के मोबाइल से शॉर्ट सर्किट जैसी आवाज आने के बाद डिब्बे में आग लगने की अफवाह फैल गई। देखते ही देखते यात्रियों में डर का माहौल बन गया। किसी यात्री ने चेन पुलिंग कर दी, जिसके बाद ट्रेन रुक गई।
ट्रेन रुकते ही कई यात्री जल्दबाजी में नीचे उतर गए और पास वाली रेलवे लाइन पर खड़े हो गए। इसी दौरान दूसरी पटरी से तेज रफ्तार से आ रही पातालकोट एक्सप्रेस ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। बताया जा रहा है कि घटनास्थल पर अंधा मोड़ होने के कारण यात्रियों को दूसरी ट्रेन दिखाई नहीं दी।
मृतकों की पहचान आगरा निवासी आफरीन (35), उनके चार वर्षीय बेटे असद खान, आगरा के रुनकता निवासी शकुंतला (60) और राजस्थान के बीकानेर निवासी विरमा देवी (60) के रूप में हुई है।
हादसे में अपने पत्नी और बेटे को खोने वाले नदीम खान ने बताया कि अफवाह फैलने के बाद वह परिवार के साथ ट्रेन से उतर गए थे। वह बड़े बेटे को उतारने के लिए दोबारा कोच में गए, तभी उनकी आंखों के सामने पत्नी और छोटा बेटा दूसरी ट्रेन की चपेट में आ गए।
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे के अधिकारी और पुलिस बल मौके पर पहुंच गए। हादसा इतना भयावह था कि शवों के अवशेष दूर-दूर तक बिखर गए थे, जिन्हें ड्रोन की मदद से तलाश कर एकत्र किया गया। रेलवे और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
