बहुमत से 2 सीट दूर विजय, शपथ समारोह टला

दिल्ली। तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर सियासी सस्पेंस लगातार गहराता जा रहा है। विजय की पार्टी TVK सबसे बड़ी पार्टी बनने के बावजूद अब तक सरकार नहीं बना सकी है। शुक्रवार को विजय ने लगातार तीसरी बार राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया, लेकिन उनके पास बहुमत के लिए जरूरी 118 विधायकों के बजाय केवल 116 विधायकों का समर्थन पत्र ही था।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक संख्या पूरी नहीं होने के कारण शनिवार को होने वाला विजय का शपथ समारोह रद्द कर दिया गया। विजय ने TVK, कांग्रेस, CPI और CPI(M) के विधायकों का समर्थन पत्र सौंपा था, जबकि IUML और VCK ने अब तक आधिकारिक समर्थन नहीं दिया है। दोनों दलों के पास 2-2 विधायक हैं और विजय को बहुमत के लिए सिर्फ दो और विधायकों की जरूरत है।
शुक्रवार सुबह VCK प्रमुख ने सार्वजनिक तौर पर TVK को समर्थन देने की बात कही थी, लेकिन देर रात तक राज्यपाल को समर्थन पत्र नहीं सौंपा गया। इसके चलते विजय की सरकार बनने की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा।
वहीं, DMK नेता टीकेएस इलंगोवन ने कहा कि अगर विजय अकेले सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर दावा पेश करते तो उन्हें सदन में बहुमत साबित करने का मौका मिल सकता था। लेकिन सहयोगी दलों के साथ जाने के बाद राज्यपाल पूर्ण बहुमत देखना चाहेंगे।
तमिलनाडु में 59 साल बाद पहली बार DMK और AIADMK के बाहर किसी तीसरी पार्टी की सरकार बनने की संभावना बनी है। 4 मई को आए नतीजों में TVK ने 234 में से 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी का दर्जा हासिल किया था। हालांकि बहुमत के आंकड़े से दूर होने के कारण अब भी सरकार गठन पर असमंजस बना हुआ है।





