राष्ट्रीय आम महोत्सव का शुभारंभ, 250 से ज्यादा किस्मों के आम आकर्षण का केंद्र

राज्यपाल बोले- छत्तीसगढ़ में मैंगो टूरिज्म और वैल्यू एडिशन की अपार संभावनाएं
रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में शुक्रवार से शुरू हुए तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव का उद्घाटन राज्यपाल रमेन डेका ने किया। समारोह की अध्यक्षता मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने की। महोत्सव में देशभर से आए आम उत्पादकों द्वारा 250 से अधिक किस्मों के आम प्रदर्शित किए गए हैं।
राज्यपाल डेका ने कहा कि आम केवल एक फल नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। भारत विश्व में आम उत्पादन में अग्रणी देश है और यहां एक हजार से अधिक किस्मों के आम पाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के किसानों को आधुनिक तकनीकों को अपनाकर उच्च गुणवत्ता वाले आम उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बस्तर, कांकेर, कोण्डागांव और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में आम उत्पादन और मैंगो टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं। महिला स्व-सहायता समूहों के लिए भी यह क्षेत्र रोजगार और उद्यमिता का बड़ा माध्यम बन सकता है। राज्यपाल ने आम के वैल्यू एडिशन पर जोर देते हुए कहा कि कृषि विश्वविद्यालय और कृषि विकास निगम को मिलकर इस दिशा में काम करना चाहिए।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आम फलों का राजा है और भारतीय परंपरा में इसका विशेष महत्व है। मांगलिक कार्यों में आम की पत्तियों और लकड़ियों का उपयोग हमारी संस्कृति का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के किसानों की आय दोगुनी करने के संकल्प को पूरा करने में आम की खेती अहम भूमिका निभा सकती है।
उद्घाटन के बाद राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में बीजापुर का हाथीझुल, मियाजाकी और अन्य आकर्षक किस्मों के आम लोगों के आकर्षण का केंद्र बने रहे।





