UP Election 2027: 200 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में कांग्रेस, प्रियंका गांधी ने बनाई रणनीति

2027 विधानसभा चुनाव से पहले संगठन मजबूत करने पर जोर, सपा से गठबंधन का विकल्प खुला; सीट बंटवारे पर अंतिम फैसला बाकी
दिल्ली। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर कांग्रेस ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी प्रदेश की 200 सीटों पर चुनाव लड़ने की रणनीति के साथ आगे बढ़ रही है। सोमवार को दिल्ली में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की मौजूदगी में यूपी के नेताओं की बैठक हुई। इसमें संगठन मजबूत करने, संभावित मजबूत सीटों की पहचान और चुनावी तैयारियों की समीक्षा की गई। हालांकि, समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ गठबंधन की संभावना भी खुली रखी गई है।
सपा से सीट बंटवारे पर क्या है स्थिति?
कांग्रेस प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम गठबंधन में सम्मानजनक और बराबरी के आधार पर सीटों के बंटवारे की बात कर रहे हैं। दूसरी ओर, सपा की ओर से कांग्रेस को 50 से 55 सीटें दिए जाने की चर्चा सामने आती रही है। हालांकि, दोनों दलों के बीच सीटों को लेकर अभी अंतिम सहमति नहीं बनी है। गठबंधन होगा या कांग्रेस अकेले चुनाव मैदान में उतरेगी, इसका फैसला दोनों पार्टियों का शीर्ष नेतृत्व करेगा।
जीत की संभावना वाली सीटों पर फोकस
प्रियंका गांधी के साथ हुई बैठक में उन विधानसभा क्षेत्रों की पहचान करने पर जोर दिया गया, जहां कांग्रेस की स्थिति मजबूत है और जीत की संभावना बन सकती है। पार्टी इन सीटों पर संगठन की सक्रियता बढ़ाने और कार्यकर्ताओं को चुनाव के लिए तैयार करने की योजना बना रही है।
बैठक में प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम, नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ और कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद समेत कई नेता शामिल हुए। चर्चा का मुख्य उद्देश्य चुनाव से पहले पार्टी का जनाधार बढ़ाना और संगठन को मजबूत करना रहा।
दिल्ली की रैली में यूपी से जुटेंगे 25 हजार कार्यकर्ता
कांग्रेस 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली आयोजित करने जा रही है। पार्टी का लक्ष्य उत्तर प्रदेश से 25 हजार से अधिक कार्यकर्ताओं को इसमें शामिल कराने का है। रैली में कथित वोट चोरी के आरोपों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को उठाया जाएगा।
रैली के बाद तेज होगा चुनावी अभियान
कांग्रेस की रणनीति दिल्ली की रैली के बाद उत्तर प्रदेश में चुनावी गतिविधियां तेज करने की है। पार्टी एक ओर 200 सीटों पर अपनी तैयारी कर रही है, वहीं सपा के साथ गठबंधन की संभावनाओं पर भी नजर बनाए हुए है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि सीटों के बंटवारे पर दोनों दलों के बीच सहमति बनती है या कांग्रेस अलग चुनाव लड़ने का विकल्प चुनती है।





